सरकार ने कर अधिकारियों से जीसटी के दायरे में तीन करोड़ कंपनियां लाने को कहा

भाषा | नई दिल्‍ली Sep 07, 2017 04:08 PM IST

सरकार ने कर अधिकारियों को देश की निजी क्षेत्र की छह करोड़ कंपनियों में से तीन करोड़ को वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने को कहा है। अभी एक करोड़ से भी कम निजी कंपनियां जीएसटी के दायरे में हैं। एक आधिकारिक सूत्र ने इस बात की आज पीटीआई-भाषा को जानकारी दी। उसने यह भी कहा कि सरकार ने कर अधिकारियों को आईटी प्रणाली में आ रही दिक्कतों को भी दूर करने के लिए कहा है। यह लक्ष्य कर अधिकारियों को दो दिन के दूसरे वार्षिक सम्मेलन में दिया गया। इस सम्मेलन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संबोधित किया था। अधिकारी ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आयकर और कॉरपोरेट कर जैसे प्रत्यक्ष करों को देखने वाले विभाग तथा जीएसटी और सीमा शुल्क जैसे अप्रत्यक्ष करों को देखने वाले विभाग के बीच स्थायी संपर्क प्रणाली एवं तत्काल सूचना का आदान-प्रदान किया जाना महत्त्वपूर्ण है। उसने कहा कि लक्ष्य को पाने के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) और केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) के बीच आंकड़ों के आदान-प्रदान की व्यवस्था को परिचालन में लाया जाएगा। सूत्र ने कहा, 'कर आधार बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री ने जीएसटी के दायरे में तीन करोड़ कंपनियों को लाने के लिए कहा है। अभी इस दायरे में करीब एक करोड़ कंपनियां हैं और तीन करोड़ का लक्ष्य हासिल कर पाना संभव है।' सूत्र ने कहा कि राजस्व ज्ञान संगम में प्रधानमंत्री का मुख्य जोर जीएसटी की ओर था कि कैसे अड़चन रहित व्यवस्था बनाई जाए, जिससे जीएसटी का लाभ जन-जन तक पहुंच सके।
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