सरकारी उपक्रमों को ज्यादा खर्च के निर्देश

अरूप रायचौधरी | नई दिल्ली Sep 28, 2017 09:49 PM IST

अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने की कवायद

► सार्वजनिक उपक्रमों को 25,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त व्यय के निर्देश
दूसरी छमाही में 2.08 लाख करोड़ रुपये उधारी जुटाएगी सरकार

सरकार ने अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने की कवायद के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को चालू वित्त वर्ष में 25,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त पूंजीगत व्यय करने को कहा है। चालू वित्त वर्ष में सार्वजनिक उपक्रमों के पूंजीगत व्यय का बजटीय लक्ष्य 3ï.85 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने कहा है कि वह अक्टूबर 2017 से मार्च 2018 के दौरान बाजार से 2.08 लाख करोड़ रुपये की सकल उधारी जुटा सकती है। पूरे वित्त वर्ष के लिए 5.80 लाख करोड़ रुपये उधारी का अनुमान लगाया गया था और अभी वह उसके दायरे में ही है। हालांकि वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि व्यय बढ़ाने की जरूरतों को देखते हुए दिसंबर में इस लक्ष्य पर पुनर्विचार किया जा सकता है। 

यह घोषणाएं ऐसे समय में की गई हैं जब नरेंद्र मोदी सरकार अर्थव्यवस्था को गति देने की कवायद में जुटी है। सरकार के अंदर ज्यादा पूंजीगत व्यय के माध्यम से विनिर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों को बढ़ावा देने तथा रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहन पैकेज देने पर भी चर्चा चल रही है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों और ओएनजीसी, बीपीसीएल, एचपीसीएल, एनटीपीसी सेल, कोल इंडिया सहित प्रमुख सार्वजनिक उपक्रमों के शीर्ष अधिकारयों के साथ आज बैठक की। वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारियों की बैठक में दूसरी छमाही के लिए उधारी कैलेंडर को अंतिम रूप दिया गया।

आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष गर्ग ने कहा, 'सभी मंत्रालय, विभाग और अधिकांश सार्वजनिक उपक्रम अपने पूंजीगत व्यय कार्यक्रम के मुताबिक ही चल रहे हैं। इसके अतिरिक्त हम एनएचएआई और कुछ उपक्रमों से 25,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की उम्मीद कर सकते हैं।' बजट में पूंजीगत व्यय के लिए 3.85 लाख करोड़ रुपये का जो लक्ष्य निर्धारित है उसमें से 3.10 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य अकेले केंद्र सरकार को हासिल करना है। बाकी रकम की व्यवस्था सार्वजनिक उपक्रमों को करनी है। 
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