जीएसटी नियमों के जंजाल में अटका त्योहारी कारोबार

रामवीर सिंह गुर्जर | नई दिल्ली Oct 06, 2017 09:59 PM IST

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने के तीन माह बाद भी कारोबारियों की समस्याएं खत्म नहीं हुई हैं। इन परेशानियों का त्योहारी मौसम में कारोबार पर भी असर देखा जा रहा है। कारोबारी त्योहारी बिक्री की तैयारियां जून-जुलाई से ही शुरू कर देते हैं लेकिन इस बार जुलाई से जीएसटी के बाद कारोबारी इसके नियम-कायदों को समझने में ही उलझे हैं। आए दिन बदलते नियमों से भी कारोबारियों की मुश्किल बढ़ रही है और ज्यादा समय जीएसटी अनुपालन पर बीत रहा है। 
 
दिल्ली से बड़े पैमाने पर बाहरी राज्यों के कारोबारी त्योहारी खरीदारी करते हैं। कारोबारियों के मुताबिक इस साल त्योहारों के दौरान बिक्री में करीब 30 फीसदी तक की कमी आ सकती है। ई-वे बिल के कारण दिल्ली-एनसीआर और दिल्ली के नजदीकी शहरों से मिलने वाले कारोबार में भी कमी आ सकती है। जीएसटी के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट के चलते कारोबारियों को पैसा भी फंस गया है। नागरिकों को जोडऩे वाले प्लेटफॉर्म लोकल सर्किल्स द्वारा किए गए सर्वेक्षण के मुताबिक त्योहारी मौसम में खरीदारी को लेकर उपभोक्ताओं में अधिक उत्साह नहीं है और पे बड़ी खरीदारी से परहेज कर सकते हैं।
 
दिल्ली व्यापार महासंघ के अध्यक्ष व सदर बाजार के कारोबारी देवराज बवेजा कहते हैं कि बीते तीन माह से कारोबारी जीएसटी की उलझनों में व्यस्त हैं। बीते वर्षों में कारोबारी त्योहारों पर यह सोचकर भी माल खरीद लेते थे कि त्योहारों पर नहीं बिकेगा तो आगे बिक जाएगा। लेकिन इस बार जरूरत का ही माल खरीदा जा रहा है। बवेजा ने कहा कि अभी तक के माहौल को देखते हुए त्योहारों पर कारोबार में कम से कम 30 फीसदी गिरावट आ सकती है। गिफ्ट कारोबारी गौतम बजाज कहते हैं कि छोटी कंपनियों और कारोबारियों की ओर से दीवाली पर गिफ्ट उत्पादों की मांग खूब रहती है। लेकिन इस साल अब तक मिले कम ऑर्डर को देखते हुए लगता है कि कारोबारी जीएसटी अनुपालन में व्यस्त हैं और उनका गिफ्ट खरीदने पर कम ध्यान है। चांदनी चौक सर्वव्यापार मंडल के महासचिव संजय भार्गव कहते हैं कि अभी तक बाजारों में त्योहारों जैसा माहौल नहीं दिख रहा है। पुरानी दिल्ली के ही एक कारोबारी ने बताया कि त्योहारों पर बिना कर चुकाए गए माल की भी खूब बिक्री होती है, लेकिन इस बार जीएसटी के तहत सख्ती से ट्रांसपोर्टर इस माल की ढुलाई से परहेज कर रहे हैं। अगले माह ई-वे बिल लागू होने पर इस माल के कारोबार पर तगड़ी मार पड़ेगी। 
 
दिल्ली बिक्री कर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष संजय शर्मा कहते हैं कि इस माह जीएसटी परिषद द्वारा जिन उत्पादों पर दरें घटाई गई हैं, उनमें से कई की अधिसूचना जारी नहीं हुई है। कारोबारी अधिसूचनाओं के माध्यम से बदल रहे नियमों के जाल में फंस गए हैं। इनपुट टैक्स क्रेडिट समायोजित करने की सुविधा न मिलने से कारोबारियों का पैसा अटक गया है। इन सभी चीजों का त्योहारी खरीदार पर नकारात्मक पडऩा लाजिमी है।
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