उत्तर प्रदेश में जीएसटी संग्रह 30 फीसदी कम

वीरेंद्र सिंह रावत | लखनऊ Oct 08, 2017 09:46 PM IST

वास्तविक कर संग्रह लक्ष्य से 45% कम
जीएसटी के तहत प्रदेश में जुलाई-सितंबर अवधि में कर संग्रह पिछले साल की
समान अवधि के मुकाबले 30 प्रतिशत कम

नई कर प्रणाली वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत उत्तर प्रदेश में जुलाई-सितंबर के दौरान कर संग्रह में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 30 फीसदी की कमी आई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जीएसटी (पहले वाणिज्यिक कर) के लागू होने के पहले तीन महीने में उत्तर प्रदेश में 8,169 करोड़ रुपये का कर संग्रह हुआ जबकि पिछले साल जुलाई-सितंबर के दौरान 11,779 करोड़ रुपये का कर संग्रह किया गया था। उत्तर प्रदेश सहित देश भर में 1 जुलाई, 2017 से जीएसटी लागू किया गया है।

जीएसटी के पहले तीन महीनों के लिए राज्य में जो कर संग्रह का लक्ष्य रखा गया था, उसकी तुलना में वास्तविक कर संग्रह करीब 45 फीसदी कम रहा। जुलाई-सितंबर के दौरान 14,887 करोड़ रुपये कर संग्रह का लक्ष्य था जबकि जीएसटी के तहत वास्तविक प्राप्तियां 8,169 करोड़ रुपये ही रही। अलबत्ता कर अधिकारियों को आने वाले महीनों में कर संग्रह बढऩे की उम्मीद है क्योंकि तब तक कारोबारी जीएसटी की नई प्रक्रियाओं और जरूरतों से अच्छी तरह वाकिफ हो जाएंगे। जीएसटी में ज्यादा कागजी काम, अनुपालन और फाइलिंग है।

योगी सरकार ने वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान 65,000 करोड़ रुपये जीएसटी संग्रह का लक्ष्य रखा है जो पिछले वित्त वर्ष के शुद्घ व्यावसायिक कर संग्रह की तुलना में 13,710 करोड़ रुपये यानी 27 फीसदी अधिक है। उत्तर प्रदेश उपभोक्ता राज्य है और अधिकांश वस्तुओं का दूसरे राज्यों से आयात होता है। यही वजह है कि राज्य को जीएसटी से फायदा होने की उम्मीद है क्योंकि यह गंतव्य आधारित कर व्यवस्था है। इस तरह अतिरिक्त कर संग्रह से योगी सरकार को अपने चुनावी वादे पूरा करने का मौका मिलेगा और साथ ही वह विकास कार्यों पर भी ज्यादा पैसा खर्च कर पाएगी। उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रधान सचिव (मनोरंजन एवं व्यावसायिक कर) ने पहले बिज़नेस स्टैंडर्ड से कहा था कि अधिकांश उपभोक्ता वस्तुओं पर कर की प्रभावी दर में कमी आई है, लेकिन बेहतर कर प्रशासन और कर चोरों पर लगाम कसने से जीएसटी के तहत संग्रह बढ़ेगा।

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