औद्योगिक उत्पादन सुधरा खुदरा महंगाई स्थिर

बीएस संवाददाता | नई दिल्ली Oct 12, 2017 10:25 PM IST

इसे सुधार के संकेत कहें या फिर त्योहारों से पहले मांग में बढ़ोतरी, अगस्त में औद्योगिक उत्पादन वृद्घि 9 महीने के उच्च स्तर 4.3 फीसदी पर पहुंच गई जबकि सितंबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर 3.28 फीसदी पर बरकरार रही। इस दौरान खाद्य महंगाई 1.52 फीसदी से घटकर 1.25 फीसदी पर आ गई। जून में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) चार साल के निचले स्तर 0.1 फीसदी पर आ गया था जबकि जुलाई में यह 0.9 फीसदी रहा। अगस्त में आईआईपी बढऩे का कारण कम आधार प्रभाव नहीं रहा क्योंकि पिछले साल अगस्त में यह 4 फीसदी बढ़ा था। 
 
इससे जीएसटी के कारण औद्योगिक उत्पादन के प्रभावित होने की आशंका भी काफी हद तक दूर हो गई है। फिलहाल यह पता लगाना मुश्किल है कि इसका देश की सकल घरेलू उत्पाद वृद्घि पर कितना प्रभाव पड़ेगा क्योंकि आईआईपी एक सूचकांक है जबकि जीडीपी में मूल्यवद्र्घन को भी ध्यान में रखा जाता है। अलबत्ता अगस्त में खुदरा महंगाई 3.38 फीसदी रही जो जुलाई में यह 2.36 फीसदी पर थी। जून में महंगाई की दर 1.46 फीसदी थी। इसलिए मोटे तौर पर अगस्त में मूल्य वद्र्घन आईआईपी की तरह ऊंचा नहीं हो सकता लेकिन जीडीपी वृद्घि के लिए सितंबर के आईआईपी के आंकड़े कम होंगे। चालू वित्त वर्ष के पहले 5 महीनों में अप्रैल से अगस्त के दौरान औद्योगिक उत्पादन की संचयी वृद्घि 2.2 फीसदी रही। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 5.9 फीसदी थी। बिजली और खनन क्षेत्र ने अगस्त में आईआईपी वृद्घि में अहम भूमिका निभाई।
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