आधे करदाता सितंबर का जीएसटी रिटर्न दाखिल करने में असफल

दिलाशा सेठ | नई दिल्ली Oct 22, 2017 09:46 PM IST

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू किए जाने के 3 महीने बाद भी रिटर्न दाखिल करने के मामले में अनुपालन का स्तर निम्न बना हुआ है। सितंबर महीने के लिए आधे से भी कम करदाताओं ने रिटर्न का सारांश दाखिल किया है, जिसके लिए अंतिम तिथि 20 अक्टूबर तय की गई थी। सरकारी अधिकारियों ने दावा किया कि हाल के आंकड़े पहले के दो महीनों के आंकड़े के समान ही हैं। हालांकि इसे लेकर चिंता जताई जा रही है और कर विशेषज्ञों व प्राधिकारियों का कहना है कि यह जानना बेहद जरूरी है कि इतने बड़े पैमाने पर करदाता रिटर्न दाखिल क्यों नहीं कर रहे हैं। 
 
सूत्रों ने बताया कि कुल 80 लाख करदाताओं में से 39.4 लाख करदाताओं ने ही शुक्रवार तक जीएसटीआर 3बी दाखिल किया है। खेतान ऐंड कंपनी के अभिषेक रस्तोगी ने कहा, 'अनुपालन का स्तर अभी भी आशा के विपरीत 50 प्रतिशत के करीब है। क्या त्योहार के आस पास अंतिम तिथि की वजह से ऐसा हुआ है? रिटर्न दाखिल न करने की वजह जानने और उसके विश्लेषण की बेहतरीन व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है।' रस्तोगी ने कहा कि अब समय आ गया है, जब सरकार ऐसे करदाताओं को रिमाइंडर भेज सकती है। 
 
टैक्समैन के आदित्य सिंघानिया ने कहा कि जानकारी के अभाव और लोगों में जमीनी स्तर पर भ्रम प्रमुख वजहों में से एक हैं, जिसके कारण सितंबर महीने में रिटर्न दाखिल करने में सुस्ती रही। सिंघानिया का मानना है ििक तमाम लोगों ने शायद इसलिए रिटर्न फाइल नहीं किया है क्योंकि जीएसटी परिषद ने यह अनुमति दे दी है कि जिनका कारोबार 1.5 करोड़ रुपये तक है, वे तिमाही रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। 
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