जीएसटी की मुसीबत को लेकर मिले 700 ज्ञापन

दिलाशा सेठ | नई दिल्ली Nov 07, 2017 09:48 PM IST

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को तार्किक व सरल बनाने के सिए सरकार की ओर से गठित 6 सदस्यों वाली सलाहकार समिति को रिटर्न दाखिल करने, ई वे बिल, इनपुट टैक्स क्रेडिट और निर्यात में उद्योग जगत को हो रही समस्याओं को लेकर 700 से ज्यादा ज्ञापन मिले हैं। सलाहकार समिति की बैठक बुधवार को होने जा रही है, जिसमें इन चिंताओं पर विचार होगा। गुवाहाटी में होने वाली जीएसटी परिषद की महत्त्वपूर्ण बैठक के पहले समिति विभिन्न मसलों पर विचार करेगी। 
 
समिति की कुछ सिफारिशों पर जीएसटी परिषद की दिन भर होने वाली बैठक में चर्चा हो सकती है। छह सदस्यीय समिति में उद्योग व व्यापार जगत का भी प्रतिनिधित्व है। एक सरकारी अधिकारी ने कहा, 'उद्योग जगत से जीएसटी को लेकर प्रतिक्रिया लेने और कानून की विसंगतियों को दूर करने को लेकर सरकार तैयार है। हम जीएसटी को उद्योगों के लिए मित्रवत बनाने की कवायद कर रहे हैं और सलाहकार समिति के सुझावों को शामिल किए जाने को लेकर हमारा सकारात्मक नजरिया है।'
 
समिति अंतिम रिपोर्ट 30 नवंबर को देगी और उसके बाद जीएसटी परिषद की होने वाली बैठक में रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी।  कारोबारियों के संगठन सीएआईटी के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने कहा, 'अगर समिति कुछ मसलों पर निष्कर्ष पर पहुंचती है तो हम वित्त मंत्री से मुलाकात कर उन्हें अंतरिम सलाह दे सकते हैं और उसे शुक्रवार को होने वाली परिषद की बैठक में उठाया जा सकता है।' 
 
सलाहकार समिति इलेक्ट्रॉनिक वे बिल पर चर्चा करेगी और यह राय रख सकती है कि इसे एक राज्य से दूसरे राज्य में माल भेजने के मामले में लागू किया जाए और राज्य के भीतर सामान की आवाजाही में इसकी जरूरत न हो। समिति ई वे बिल 24 घंटे के भीतर 100 किलोमीटर तक वैध होने जैसे मानकों पर भी चर्चा करेगी।  समिति के एक सदस्य ने नाम न दिए जाने की शर्त पर कहा, 'एक  खास दूरी के लिए विशेष वक्त दिया जाना थोड़ा बेतुका है।' सलाहकार समिति के सदस्य और फियो के प्रमुख अजय सहाय ने कहा कि एकीकृत जीएसटी का विस्तार निर्यात संवर्धन योजनाओं के तहत निर्यात के बाद के आधार पर निर्यात तक किया जाना चाहिए। 
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