28 % के दायरे से बाहर होंगी अधिकांश चीजें, 227 से घटकर रह सकती हैं केवल 62 वस्तुएं

दिलाशा सेठ |  Nov 08, 2017 10:26 PM IST

जीएसटी सलाहकार समिति ने दरों को तर्कसंगत बनाने का दिया सुझाव

जीएसटी परिषद की शुक्रवार की बैठक में हो सकता है निर्णय

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की शुक्रवार को गुवाहाटी में होने वाली बैठक में आप तगड़ी राहत की उम्मीद कर सकते हैं क्योंकि 28 फीसदी जीएसटी के दायरे में गिनी-चुनी वस्तुएं ही रह जाने की संभावना है। हो सकता है कि जल्द ही डिजिटल कैमरा, चॉकलेट, शेविंग क्रीम, पान मसाला, सिगार, रंग-रोगन, सौंदर्य प्रसाधन, वैक्यूम क्लीनर, रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन, हेयर कंडीशनर, हेयर डाई, मार्बल और ग्रेनाइट समेत केवल 62 वस्तुएं सबसे ऊंचे कर दायरे में रह जाएं।

यदि दर को तर्कसंगत बनाने वाली समिति के प्रस्ताव मान लिए गए तो इस अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में 1 जुलाई के बाद से यह सबसे बड़ा और महत्त्वपूर्ण फेरबदल होगा। उसके साथ ही आम इस्तेमाल का ढेर सारा सामान मसलन फर्नीचर, सैनिटरीवेयर और बिजली के स्विच आदि सस्ते हो जाएंगे। एक सरकारी अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया, 'प्रस्ताव के मुताबिक केवल 62 वस्तुएं 28 फीसदी जीएसटी के दायरे में रहेंगी।  देखना है कि सभी राज्य इस पर राजी होते हैं या नहीं।'
एक राज्य के एक अधिकारी ने कहा, 'दरें कम करने के लिए कुछ नियम बनाने होंगे। समिति अकेले ही यह काम नहीं कर सकती।' फिलहाल 227 वस्तुएं 28 फीसदी की श्रेणी में आती हैं। जीएसटी के तहत कर की चार श्रेणी - 5, 12, 18 और 28 फीसदी हैं तथा 1,200 से अधिक उत्पादों और सेवाओं को उनमें रखा गया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कल ही एक कार्यक्रम में कहा था कि कुछ वस्तुओं को 28 फीसदी की श्रेणी में डाला ही नहीं जाना चाहिए था। पिछली 3-4 बैठकों में जीएसटी परिषद ने 100 से अधिक वस्तुओं पर कर की दर कम कर उन्हें 28 से 18 फीसदी में या 18 फीसदी से 12 फीसदी की कर श्रेणी में रख दिया है। एक अधिकारी ने बताया कि जिन वस्तुओं पर 12.5 फीसदी केंद्रीय उत्पाद शुल्क तथा 14.5 फीसदी वैट लगता था, उन्हें 'सोचे-समझे बगैर' 28 फीसदी की श्रेणी में डाल दिया गया।
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