सही से पूरा कर देंगे श्रीमान तो मिल सकता है आपको इनाम

श्रीमी चौधरी | मुंबई Nov 09, 2017 10:30 PM IST

ईमानदार करदाताओं को आर्थिक प्रोत्साहन का प्रस्ताव

► यह रकम चुकाए कर का हो सकती है 1 से 5 प्रतिशत
चुकाई रकम और कर श्रेणी पर आधारित होगी यह रकम

आय कर विभाग ने ईमानदार करदाताओं को आर्थिक प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव दिया है। यह प्रोत्साहन ऐसे करदाताओं द्वारा चुकाए जाने वाले कर पर निर्भर करेगा। अगर यह प्रस्ताव लागू हुआ तो यह सरकार द्वारा की गई एक अभूतपूर्व पहल होगी। इससे देश के आर्थिक विकास में योगदान देने वाले करदताओं को जोडऩे में खासी आसानी होगी।  प्रस्ताव के अनुसार यह आर्थिक प्रोत्साहन ऐसे करदाताओं को मिलेगा, जो लगातार नियमित तौर पर कर भुगतान करते रहे हैं और उन पर पिछला कर बकाया नहीं है। 

हालांकि ऐसे करदाता भविष्य में कर भुगतान में चूक करते हैं तो कर विभाग उनके रिफंड से ब्याज के साथ रकम काट लेगा। प्रोत्साहन की राशि करदाता द्वारा भुगतान किए जाने वाले कर और उसकी कर श्रेणी पर निर्भर करेगी।  सूत्रों का कहना है कि प्रोत्साहन रकम कुल कर भुगतान का एक से पांच प्रतिशत के बीच हो सकती है। यह प्रोत्साहन करदाताओं को हरेक साल कर विभाग से मिलने वाले रिफंड का हिस्सा नहीं होगा।

इस पूरे मामले से जुड़े एक वरिष्ठ कर अधिकारी ने बताया, 'कर चोरी करने वाले लोगों को दबोचने के लिए हम कई योजनाएं बनाते हैं, लेकिन ईमानदार करदाताओं को पुरस्कृत करने का कोई प्रावधान नहीं है। ये ऐसे लोग हैं, जो लंबे से नियिमित तौर पर कर भुगतान करते आ रहे हैं।'

सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने वित सचिव और राजस्व विभाग के साथ हाल में हुई बैठक में इस प्रस्ताव का जिक्र किया है। सीबीडीटी ने योजना आकर्षक बनाने के लिए इससे जुड़ी प्रमुख बातों का जिक्र किया है। सीबीडीटी के अनुसार देश भर में आईटी विभाग के प्रमुख ईमानदार करदाताओं का नाम छांटेंगे और उन्हें प्रोत्साहन के तौर पर एक निश्चित रकम देंगे। 

इस बारे में एक दूसरे कर अधिकरी ने कहा, 'ऐसे करदाताओं की संख्या कम होगी और शुरू में पुरस्कार की रकम लाखों रुपये में होगी। हालांकि इस योजना से प्रोत्साहित होकर अधिक से अधिक करदाता नियमित तौर पर कर भुगतान करने लगे तो ऐसे करदाताओं की संख्या बढ़ सकती है।' यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब अधिकारी करदाताओं की तादाद बढ़ाने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं। सीबीडीटी ने 2017-18 के लिए करदाताओं की संख्या में 1.25 करदाताओं को जोडऩे का फैसला किया है।  एक कर सलाहकार ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया कि भावी करदाताओं को आकर्षित करने का एक प्रभावी जरिया हो सकता है। इंगलैंड, अमेरिका और कनाडा जैसे कई देशों में राजस्व सृजन का यह रणनीति है।
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