जीएसटी पर सरकार पर दबाव बनाएगी कांग्रेस

अर्चिस मोहन | नई दिल्ली Nov 12, 2017 09:35 PM IST

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की सीमा 18 फीसदी तक तय करने और पेट्रोल, डीजल के साथ-साथ रियल एस्टेट और बिजली को भी इस कराधान में शामिल करने के लिए केंद्र में मौजूदा नरेंद्र मोदी सरकार पर कांग्रेस पार्टी दबाव बढ़ाने के लिए तैयार दिख रही है। आने वाले दिनों में कांग्रेस पार्टी 2014 से केंद्र द्वारा डीजल और पेट्रोल पर लगाए गए कर को लेकर जागरूकता अभियान शुरू करने की योजना बना रही है। 
 
रविवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र को सामान्य लोगों की उपभोग वस्तुओं पर कर कम करना चाहिए। उन्होंने ट्वीट किया, 'कीमतों में बढ़ोतरी के बोझ को कम करने के लिए सरकार को जीएसटी में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस को शामिल करना चाहिए।' गुजरात में चुनावी दौरा कर रहे राहुल ने कहा कि कांग्रेस ने कर की दर की सीमा 18 फीसदी तक तय करने की मांग रखी है। उन्होंने कहा कि एक ही कर स्लैब होना चाहिए और यह जितना संभव हो कम स्तर पर होना चाहिए।  
 
कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि अगर बिजली, पेट्रोलियम और रियल एस्टेट को शामिल नहीं किया जाता तो  50 फीसदी कुल राजस्व जीएसटी के दायरे से बाहर रह जाता है। इसका अर्थ यह हुआ कि ऐसा करने से मोदी सरकार 267,000 करोड़ रुपये सालाना अपने खजाने में शामिल कर पाएगी। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के मामले पर प्रधानमंत्री से मांग की कि वह इस मुद्दे पर बयान दें। 
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