जीएसटी से निर्यात में कमी!

इंदिविजल धस्माना | नई दिल्ली Nov 14, 2017 10:31 PM IST

व्यापार के मोर्चे पर बढ़ती चुनौतियां

करीब 13 महीने के सुधार के बाद अक्टूबर के निर्यात में देखी गई गिरावट
गैर-तेल, गैर सोना क्षेत्र में वृद्धि हुई कम
अक्टूबर में आईआईपी पर पड़ सकता है असर
वजह यह है कि सितंबर में वृद्धि की रफ्तार हुई कम
आयात में धीमी वृद्धि के बावजूद व्यापार घाटा बढ़ा
व्यापार घाटा बढ़कर 14 अरब डॉलर के 35 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू किए जाने के बाद कारोबारियों को हो रही परेशानी के बीच अक्टूबर में निर्यात में सालाना 1.12 फीसदी की कमी हुई और यह 23.09 अरब डॉलर हो गया। 14 महीने के दौरान यह पहली गिरावट है। श्रम आधारित प्रमुख क्षेत्रों मसलन चमड़ा और चमड़े से बने उत्पाद, हीरा और आभूषण, हस्तशिल्प, रेडीमेड परिधान, कालीन आदि में आई तेज गिरावट की वजह से निर्यात में कमी देखी गई है। इस रुझान से देश में रोजगार की स्थिति और बिगड़ सकती है। निर्यातकों ने पहले यह चेतावनी दी थी कि जीएसटी की शुरुआत के बावजूद जुलाई और सितंबर में निर्यात में दोहरे अंकों में वृद्धि सही तस्वीर नहीं पेश नहीं करती है क्योंकि इसमें अग्रिम ऑर्डर के आंकड़े भी शामिल थे।

रसायन, पेट्रोलियम और इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात में विस्तार की वजह से पिछले छह महीने में सबसे ज्यादा वृद्धि देखी गई और सितंबर में निर्यात में 25.67 फीसदी तक की तेजी आई और यह 28.61 अरब डॉलर हो गया। विडंबना यह है कि निर्यात में गिरावट ऐसे महीने में देखी गई जब जीएसटी परिषद ने निर्यातकों की ज्यादातर समस्याओं का समाधान किया, हालांकि ई-वॉलेट की शुरुआत अगले वित्त वर्ष तक हो सकती है।

निर्यातकों ने यह शिकायत की थी कि जमीनी स्तर पर उपायों पर अमल नहीं किया जा रहा था। वहीं दूसरी ओर आयात में महज 7.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 37.11 अरब डॉलर हो गया। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से अक्टूबर में तेल आयात बिल में 27.89 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई जबकि इससे पहले के महीने में 18.47 फीसदी तक की वृद्धि हुई थी। 

इस कैलेंडर वर्ष में कुल आयात में धीमी रफ्तार से वृद्धि के बावजूद व्यापार घाटा बढ़कर 14 अरब डॉलर के 35 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया। सितंबर में यह 8.98 अरब डॉलर के स्तर पर था जबकि एक साल पहले की समान अवधि के दौरान यह 11.13 अरब डॉलर के स्तर पर था। पिछले महीने सोना आयात में 16 फीसदी तक की कमी आई और पिछले महीने यह 2.94 अरब डॉलर हो गया।

इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नैयर का कहना है, 'त्योहारी और शादी वाले मौसम के बावजूद अक्टूबर में सोना आयात कम हुआ क्योंकि पिछले कुछ महीने में सोने का बड़ा भंडार तैयार हुआ है।' नतीजतन गैर-तेल, गैर-सोना आयात में महज 4.93 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई जो सितंबर के 19.76 फीसदी और अगस्त के 20 फीसदी से काफी कम है। इससे संकेत मिलते हैं कि अक्टूबर में औद्योगिक उत्पादन पर असर पड़ेगा। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में वृद्धि सितंबर में कम होकर 3.8 फीसदी हो गई जो इससे पहले के महीने में 4.5 फीसदी थी।

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