कर न घटाने पर रेस्तरां की दलील

विवेट सुजन पिंटो | मुंबई Nov 22, 2017 09:51 PM IST

जीएसटी विवाद

► इनपुट टैक्स मसले पर सरकार से मिलेंगे रेस्तरां संगठन
इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़ा है मसला जिसे जीएसटी की दरें घटाकर 5 फीसदी किए जाने के बाद ले लिया गया था वापस
सरकार और सीबीईसी ने मैक्डॉनल्ड सहित 15 अन्य रेस्तरां को कीमतों में तुरंत कटौती करने का दिया था निर्देश
रेस्तरां संगठन का तर्क है कि इनपुट टैक्स क्रेडिट खत्म किए जाने से लागत में 10-12 फीसदी तक की होगी बढ़ोतरी

नैशनल रेस्टोरैंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) जल्द ही सरकार से मिलकर कीमतों के मोर्चे पर बातचीत की योजना बना रहा है जिनमें देश के शीर्ष फास्ट फूड चेन सदस्य के तौर पर शामिल हैं। संगठन सरकार से चर्चा कर स्पष्ट करेगा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों को कम करने के लिए 10 नवंबर को जो घोषणा की गई थी उसका फायदा ग्राहकों को क्यों नहीं मिल पा रहा है।

सरकार ने पांच सितारा होटलों को छोड़कर सभी रेस्तरां पर जीएसटी की दर को 18 फीसदी और 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया था। पहले वातानुकूलित रेस्तरां पर 18 फीसदी जीएसटी जबकि गैर-वातानुकूलित रेस्तरां पर 12 फीसदी जीएसटी की दर लगाई गई थी। लेकिन 10 नवंबर को जीएसटी दरों में हुए संशोधन में इनपुट टैक्स क्रेडिट को हटा लिया गया था जिससे रेस्तरां चेन मसलन मैक्डॉनल्ड ने कर कटौती के फायदे को लंबित कर रखा। इनपुट टैक्स क्रेडिट के तहत इनपुट पर भुगतान किए गए कर के साथ अंतिम कर निर्धारित होता है। उनका तर्क यह था कि  इनपुट टैक्स क्रेडिट खत्म किए जाने से लागत में 10-12 फीसदी तक की बढ़ोतरी होगी जिससे 13 फीसदी जीएसटी कटौती कर के लिहाज से तटस्थ साबित होगी।

एनआरएआई के अध्यक्ष रियाज अमलानी कहते हैं, 'हम सरकार द्वारा जीएसटी की दर में कटौती करने के कदम का स्वागत करते हैं लेकिन इसे  इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े मसले पर फिर से विचार करना होगा।' अमलानी इम्प्रेसारियो एंटरटेनमेंट ऐंड हॉस्पिटैलिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) भी हैं जो स्मोक हाउस डेली और सोशल जैसे रेस्तरां चलाती है।

उनका कहना है, 'अगर ग्राहकों को कीमतों के मोर्चे पर फायदा देना है तो दरों में कटौती रेस्तरां के लिए कर सक्षम भी होनी चाहिए। लेकिन फिलहाल ऐसा नहीं है।' आमतौर पर इनपुट टैक्स क्रेडिट किराये, फूड और अन्य वस्तुओं पर दिया जाता है और यह इनपुट टैक्स क्रेडिट जीएसटी पर अमल किए जाने से पहले रेस्तरां के लिए उपलब्ध था। मैक्डॉनल्ड इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि इसने जीएसटी की कम दरों का लाभ जहां तक संभव था ग्राहकों को दिया है। प्रवक्ता ने कहा, 'हम अपने कुछ प्रमुख उत्पादों की कीमतों में कटौती की है। हम अपनी कीमतों को लेकर बेहद पारदर्शी रवैया अपनाते रहे हैं और हमारे मेनु बोर्ड की कीमतों में कर शामिल हैं।'

डोमिनोज, केएफसी और पिज्जा हट की प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई। बर्गर, सॉफ्ट ड्रिंक्स और फास्टफूड बेचने वाली मैक्डॉनल्ड पिछले हफ्ते उपभोक्ताओं के निशाने पर थी जिन्होंने सोशल मीडिया पर यह शिकायत की थी कि इस फूड शृंखला ने जीएसटी में कटौती के बावजूद कीमतें कम नहीं की हैं। इसी वजह से सरकार और केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने मैक्डॉनल्ड सहित 15 अन्य रेस्तरां से कीमतों में तुरंत कटौती करने या कार्रवाई का सामना करने का निर्देश दिया था।
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