केंद्र राज्य के पूंजीगत खर्च में कमी के दिखते आसार

ईशान बख्शी | नई दिल्ली Nov 27, 2017 09:55 PM IST

निवेश के कमजोर माहौल की वजह से मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा किए जाने वाले पूंजीगत खर्च की रफ्तार धीमी रहने की संभावना है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने के बाद अप्रत्यक्ष कर संग्रह में कम वृद्धि का भी कुछ असर केंद्र और राज्यों के पूंजीगत खर्च पर पड़ा। इक्रा द्वारा 12 बड़े राज्यों के खर्च के रुझान के एक विश्लेषण से अंदाजा मिला कि इन राज्यों के सम्मिलित पूंजीगत खर्च में वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में 23.6 फीसदी तक की कमी आई है जिसमें इससे पहले की तिमाही में 14.3 फीसदी तक की कमी दिखी थी। 
 
केंद्र के पूंजीगत खर्च में भी कमी से हालात चिंताजनक दिख रहे हैं। महालेखा नियंत्रक के द्वारा पहले जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक दूसरी तिमाही में केंद्र द्वारा किए गए पूंजीगत खर्च में 9.2 फीसदी की कमी आई जिसमें पहली तिमाही में 39.5 फीसदी तक की वृद्धि दिखी थी। कर्ज को छोड़कर दूसरी तिमाही में पूंजीगत खर्च में 13.9 फीसदी तक की वृद्धि दिखी जो पहले की तिमाही के 105.5 फीसदी से काफी कम है।
 
इक्रा के रिपोर्ट के मुताबिक, 'वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में सम्मिलित पूंजीगत खर्च इस वित्त वर्ष के बजटीय पूंजीगत खर्च के 13.2 फीसदी के स्तर पर रहा जो पिछले साल की समान अवधि के 17.1 फीसदी से कम है। इसमें कुछ योगदान वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पंजाब सरकारों द्वारा किए गए कम पूंजीगत खर्च का भी है जिन्होंने वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही की तुलना में कम खर्च किए।' 
 
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