जीएसटी रिफंड नहीं मिलने और तकनीकी खामियों से परेशानी

शुभायन चक्रवर्ती | नई दिल्ली Nov 30, 2017 09:52 PM IST

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की शुरुआत के पांच महीने बाद निर्यातकों का कहना है कि जमीनी स्तर पर इस प्रणाली को सही तरह से लागू न किए जाने और रिटर्न दाखिल करने वाले तंत्र के अद्यतन न होने से इस क्षेत्र को प्रक्रियात्मक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु को फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोट्र्स ऑर्गनाइजेशन (फियो) ने बताया कि निर्यात रिफंड दाखिल करने में मुश्किल आ रही है और नए नियमन और नियमों के बदलाव से निर्यात की प्रक्रिया मुश्किल हो रही है। उन्होंने जीएसटी के तहत जारी न हुए कर रिफंड से जुड़ी दिक्कतों की ओर इशारा किया। फियो ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों की तरफ से करीब 50,000 करोड़ रुपये का कर रिफंड जारी किया जाना है।
 
फियो के अध्यक्ष गणेश कुमार गुप्ता ने कहा, 'ज्यादातर निर्यातकों को अपने लंबित दावे की मौजूदा स्थिति के बारे में कोई अंदाजा नहीं है। सीमा शुल्क अधिकारी भी बेहद सीमित जवाब देते हैं। ऐसे में रिफंड की स्थिति का पता करने के लिए सुविधा मुहैया करानी जरूरी है।' हाल में बिज़नेस स्टैंडर्ड से हुई बातचीत में सुरेश प्रमुख ने बताया कि उन्होंने वित्त मंत्रालय से रिफंड का मसला सुलझाने को कहा है। उन्होंने कर भुगतान और रिफंड प्रक्रिया शुरू करने के बीच का समय कम करने के उपायों की बात भी की।  उम्मीद है कि नवंबर में देश का निर्यात कम हो सकता है क्योंकि निर्यातकों ने पिछले तीन महीने से बेहद कम ऑर्डर स्वीकार किए हैं। 
 
15 महीने में पहली बार देश का निर्यात अक्टूबर में 1.1 फीसदी कम हुआ। पिछले महीने का व्यापार घाटा बढ़कर 14 अरब डॉलर हो गया जो तीन सालों में सबसे ज्यादा है। बुधवार को वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि इसे जीएसटी की शुरुआत के बाद से पहले चार महीने में 6,500 करोड़ रुपये के एकीकृत जीएसटी रिफंड का दावा मिला है। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रिफंड का दावा सही फॉर्म और समान बिलों के साथ नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कारोबार अगस्त महीने के लिए अपनी अंतिम बिक्री रिटर्न जीएसटीआर-1 को जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) पोर्टल पर 4 दिसंबर से अपलोड कर सकते हैं। निर्यातक तकनीकी खामियों की वजह से अगस्त में टेबल 6ए के तहत रिटर्न फाइल का दावा नहीं कर पाए। फियो के महानिदेशक अजय सहाय ने बताया कि लंबित इनपुट टैक्स क्रेडिट को मंजूरी देने की प्रक्रिया भी अब तक शुरू नहीं हुई है।
कीवर्ड GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,

  
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