सब्सिडी के 167 करोड़ भुगतान बैंक में फंसे

साहिल मक्कड़ और शाइन जैकब | फैजाबाद/नई दिल्ली Dec 18, 2017 04:13 PM IST

कहां गई सब्सिडी

 ► करीब 37.2 लाख ग्राहकों को आ रही सब्सिडी संबंधी समस्या
► बड़ी संख्या ऐसे लोगों की, जिन्हे हाल में खुले अपने एयरटेल भुगतान खाते की जानकारी नहीं 
► यूआईड़ीएआई ने मांगा एयरटेल से जबाव, कंपनी ने कहा सब कुछ नियम के मुताबिक किया गया है

 

उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले के निवासी वसीम खान उन 37.2 लाख लाभार्थियों में से हैं, जिन्हें रसोई गैस की सब्सिडी उनके संबंधित बैंंक खातों मेंं मिलने में कठिनाई आ रही है। खान का दावा है कि उनके परिवार को पिछले कुछ महीनों से सब्सिडी नहीं मिल रही है, जबकि उन्होंने स्थानीय गैस आपूर्तिकर्ता को बैंक खाता और आधार क्रमांक मुहैया कराया है।  पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकारियोंं ने माना है कि लाभार्थियों को भुगतान में देरी संबंधी समस्या है। एक तेल विपणन कंपनी के अधिकारी ने कहा, 'करीब 37.2 लाख ग्राहकों को सब्सिडी से संबंधित समस्याएं आ रही हैं। इनमें से बड़ी संख्या में ऐसे हैं जिन्हें अपने हाल में खुले एयरटेल भुगतान बैंक के खाते के बारे में जानकारी नहीं है।' 

 
अधिकारी ने आरोप लगाया कि एयरटेल भुगतान बैंक ने अनौपचारिक सहमति के बगैर एयरटेल के मोबाइलधारकोंं का नया खाता खोल दिया है। ये उपभोक्ता आधार से अपने सिम के सत्यापन के लिए एयरटेल आउटलेट गए थे। मौजूदा स्थिति के मुताबिक गैस सब्सिडी नए खुले खाते में जाती है। अधिकारी ने कहा, 'हमारा अनुमान है कि करीब 167 करोड़ रुपये की सब्सिडी पिछले तीन महीने (सितंबर, अक्टूबर और नवंबर) में एयरटेल भुगतान खाते में गई है।'  
 
दिलचस्प है कि उपरोक्त  तीन महीनों में बैंंक ने सब्सिडी से जुड़े 95 लाख लेन देन किए हैं। सब्सिडी के रूप में 167 करोड़ रुपये की राशि इन 38 लाख खातोंं में जमा है। एयरटेल पेमेंट बैंक चालू होने के पहले साल के आखिर में बैंक ने 31 मार्च 2017 तक कुल 68.33 करोड़ रुपये जमा होने की रिपोर्ट दी थी।   ऐसा तब हो गया जब पेट्रोलियम मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाले वित्तीय सेवा विभाग से संपर्क कर कहा था कि ऐसे खातों को सब्सिडी वापसी से अलग किया जाए। एक सरकारी अधिकारी ने कहा, 'नियमों के मुताबिक एलपीजी सब्सिडी उस खाते में जाती है, जिसे हाल मेंं आधार के साथ ग्राहक ने जोड़ा हो। लेकिन हमें लगता है कि करीब 37.2 लाख उपभोक्ता एयरटेल बैंंक खाते में सब्सिडी पा रहे हैं, जो नहीं जानते हैं कि उनका कोई खाता खुला है। लेकिन हमारी तरफ से धन पहले ही जारी किया जा चुका है।' 
 
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की शिकायत को देखते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने भारती एयरटेल के खिलाफ जांच शुरू की है। बैंक से कहा गया है कि क्यों न आधार नियमों के उल्लंघन के मामले में उसके ऊपर जुर्माना लगा दिया जाए। इसके बाद यूआईडीएआई ने अस्थायी  रूप से भारती एयरटेल और एयरटेल भुगतान बैंक को आधार से सिम सत्यापन करने पर शनिवार को रोक लगा दी। 

इसके बारे में पूछे जाने पर एयरटेल के प्रवक्ता ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि उसने पहले ही यूआईडीएआई को जवाब भेज दिया है और एयरटेल भुगतान बैंक सभी दिशानिर्देशों का पालन कर रहा है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, 'मोबाइल फोन के फिर से वैरीफिकेशन और एयरटेल भुगतान बैंक खाता खोला जाना पूरी तरह से अलग मामला है और यह एक दूसरे से जुड़े नहीं हैं। सभी एयरटेल भुगतान बैंक खाते ग्राहकोंं की सहमति से खोले गए हैं। सभी उपभोक्ताओंं से प्रत्यक्ष नकदी अंतरण के लिए अलग से सहमति ली गई है।' 

कंपनी ने यह भी साफ किया है कि ग्राहकों को एसएमएस और ऑटोमेटेड कॉल (यह 12 भाषाओं में उपलब्ध है) के माध्यम से समय समय पर बताया गया है कि उनकी सब्सिडी उनके खाते में आ रही है। ऑटोमेटेड कॉल से बताया जाता है कि इतने रुपये की सरकारी सब्सिडी आपके एयरटेल भुगतान बैंक खाते में आ गई है और साथ ही अगर कोई ब्याज राशि आती है तो उसकी भी सूचना दी जाती है।  

उन्होंने कहा, 'एयरटेल भुगतान बैंक बचत खाते में जमा राशि को किसी एयरटेल स्टोर से निकाला जा सकता है या किसी भी बैंंक खाते में स्थानांतरित किया जा सकता है। डीबीटी राशि की निकासी का कोई शुल्क नहीं लगता है और न ही खाते खोलने, उसके रखरखाव या उसे बंद करने का कोई खर्च लिया जाता है।'

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