भारत के लिए दक्षिण चीन सागर में नौवहन आजादी अधिक महत्वपूर्ण: शिवशंकर मेनन

भाषा | सिंगापुर Dec 19, 2017 03:00 PM IST

भारत का पूर्वी देशों के साथ व्यापार संबंध मजबूत हो रहा है, ऐसे में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दक्षिण चीन सागर में नौवहन आजादी सुनिश्चित होना देश के लिए महत्वपूर्ण है। भारत के पूर्व राजनयिक ने यह बात कही है। पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने कहा कि दुनिया के उन सभी कारोबारी देशों के लिए नौवहन आजादी एक चिंता का विषय है जो दक्षिण चीन सागर मार्ग का उपयोग करते हैं। चाहे वह जापान हो या चीन या फिर अमेरिका।

वर्ष 1991 में वस्तु व्यापार के रूप में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 15.6 प्रतिशत स्वेज नहर के जरिए पश्चिमी देशों को जाता था। लेकिन 2014 में वस्तुओं के विदेशी व्यापार के रूप में 49.3 प्रतिशत दक्षिण चीन सागर के रास्ते पूर्व के देशों को जाता है। एशिया में नई भू-राजनीति विषय पर एक व्याख्यान में मेनन ने कहा कि पूर्व के मुकाबले दक्षिण चीन सागर का महत्व भारत के लिए काफी बढ़ गया है। दक्षिण चीन सागर पर चीन अपना दावा करता है लेकिन वियतनाम, फिलिपींस, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान भी जलमार्ग पर अपना दावा करते हैं। मेनन ने कहा, हमारा वहां नौवहन क्षेत्र में साझा हित है। दक्षिण चीन सागर में नौवहन का प्रभावित होना किसी के हित में नहीं है। 

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