क्रिसिल ने घटाया वृद्धि दर अनुमान

इंदिवजल धस्माना | नई दिल्ली Dec 21, 2017 10:05 PM IST

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान पहले के 7 प्रतिशत से घटाकर 6.8 प्रतिशत कर दिया है। बहरहाल अगले वित्त वर्ष में वृद्धि दर बढ़कर 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है, हालांकि यह भी पहले के 7.8 प्रतिशत अनुमान की तुलना में कम है। क्रिसिल ने यह भी अनुमान लगाया है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक  (सीपीआई) पर आधारित महंगाई दर चालू वित्त वर्ष में 4 प्रतिशत रहेगी। यह रिजर्व बैंक के हाल के 3.7 प्रतिशत रहने के अनुमान से थोड़ा ज्यादा है। क्रिसिल ने अगले वित्त वर्ष में महंगाई दर  4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। 
 
हालांकि 6.8 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर के लिए जरूरी है कि चालू वित्त वर्ष के अंतिम 6 महीने में वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहे, क्योंकि पहले 6 महीने में वृद्धि दर 6 प्रतिशत थी।  क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री डीके जोशी ने कहा कि बेस इफेक्ट के कारण चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहने की संभावना है।  पिछले साल 8 अक्टूबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद भारत की आर्थिक वृद्धि दर इसके पहले के वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में सुस्त रही थी। सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि दर तीसरी तिमाही मेंं 6.9 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 6.1 प्रतिशत रही। इस तरह से पिछले साल की दूसरी छमाही में वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रह गई थी। 
 
अगले वित्त वर्ष में क्रिसिल ने आर्थिक वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, जो उसके पहले के 7.8 प्रतिशत वृद्धि दर के अनुमान की तुलना में कम है।  क्रिसिल ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 3 प्रतिशत रहने की संभावना है। जोशी ने कहा कि कृषि उत्पाद में आधी भागीदारी बागवानी और चारे की होती है। अगले साल निवेश दर मेंं गिरावट जारी रहने की संभावना है, साथ ही जीडीपी वृद्धि दर भी कमजोर रहेगी। जोशी ने कहा कि उसके बाद जीडीपी में तेज बढ़ोतरी होगी। 
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