बढ़ता घाटा, रिजर्र्व बैंक से उम्मीदें

अरूप रायचौधरी | नई दिल्ली Jan 05, 2018 09:41 PM IST

वर्ष 2017-18 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लिए शुक्रवार को जारी पहले अग्रिम अनुमान के मुताबिक अगर बाकी सभीचीजें अपरिवर्तित रहती हैं तो राजकोषीय घाटा जीडीपी का करीब 3.3 फीसदी रहेगा। बजट में सरकार ने इसे 3.2 फीसदी रखने का लक्ष्य रखा था। अलबत्ता राजस्व के उम्मीद से कम रहने की आशंका और कुछ श्रेणियों में ज्यादा व्यय के कारण वास्तविक राजकोषीय घाटा कहीं अधिक रह सकता है। इस बीच यह जानकारी मिली है कि रिजर्व बैंक इस वित्त वर्ष में सरकार को कुछ अतिरिक्त फंड स्थानांतरित कर सकता है। यह फंड 306.5 अरब रुपये के अतिरिक्त होगा जो बैंक लाभांश के रूप में पहले ही सरकार को दे चुका है।
 
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017-18 में अर्थव्यवस्था की विकास दर 6.5 फीसदी रहेगी। वर्ष 2016-17 के अस्थायी अनुमान के मुताबिक जीडीपी का आकार 152 लाख करोड़ रुपये था जिसके वर्ष 2017-18 में 166 लाख करोड़ रुपये पहुंचने की उम्मीद है। बजट में इस वित्त वर्ष राजकोषीय घाटे के 5.46 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया गया है। 166 लाख करोड़ रुपये के प्रतिशत के हिसाब से यह 3.28 फीसदी होगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राजकोषीय घाटे को जीडीपी का 3.2 फीसदी रखने का लक्ष्य निर्धारित किया था। 
 
सरकार ने बजट में अनुमानित राजकोषीय घाटे का लक्ष्य नवंबर में ही पार कर लिया था और यह बजट अनुमान का 112 फीसदी पहुंच चुका था। यह 2008-09 के बाद सर्वाधिक है जब दुनिया को आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ा था। केंद्र ने इस वित्त वर्ष के दौरान सरकारी प्रतिभूतियों के जरिये 50,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त उधारी लेने का फैसला किया है। यह रकम बजट में अनुमानित 5.8 लाख करोड़ रुपये की राशि के अतिरिक्त होगी। 
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