'आगामी तिमाहियों में तेज रहेगी वृद्धि'

शुभायन चक्रवर्ती | नई दिल्ली Jan 05, 2018 09:51 PM IST

सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2017-18 में आशानुकूल नहीं है, लेकिन सरकार को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में वृद्धि 7 प्रतिशत से ऊपर रहेगी। चालू वित्त वर्ष में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद से औद्योगिक वृद्धि की रफ्तार बहुत सुस्त हो गई है और मार्च के आखिर तक इस साल अब आर्थिक वृद्धि 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। शुक्रवार को सरकार ने कहा कि उसे उम्मीद है कि मौजूदा कीमतों पर वृद्धि दर पहले इसके पहले के वित्त वर्ष के 7.1 प्रतिशत की तुलना में कम रहेगी। 
 
मुख्य सांख्यिकीविद टीसीए अनंत ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विनिर्माण के मोर्चे पर जीवीए वृद्धि 4.6 प्रतिशत रही, जो हाल के औद्योगिक वृद्धि के आंकड़ों के मुताबिक है। उन्होंने कहा कि विनिर्माताओं ने अनुमान लगाया था कि 1 जुलाई से जीएसटी लागू होगा और मंदी का पहले से अनुमान था।  चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में 5.7 प्रतिशत के निम्न स्तर पर रही, उसके बाद की तिमाही में थोड़ी तेजी आई और वृद्धि दर 6.2 प्रतिशत रही। बहरहाल सरकार को उम्मीद है कि अब आगामी तिमाहियों में वृद्धि दर 7 प्रतिशत से ऊपर रहेगी। कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर सुस्त रहने के बारे में अनंत ने कहा कि इस पर आधार में बदलाव का कुछ असर रहा। उन्होंने कहा, 'लगातार 2 साल तक पड़े सूखे के बाद पिछले साल वृद्धि दर बहुत ज्यादा थी। बहरहाल उत्पादन के हिसाब से देखें तो 2017-18 में दीर्घावधि के हिसाब से दूसरा सर्वाधिक उत्पादन होने की उम्मीद है।' 
 
अनंत ने साफ किया कि हाल के वृद्धि के आंकड़े वित्त मंत्रालय के चालू वित्त वर्ष के अनुमान से कम हैं, जैसा कि पिछले बजट में पेश किया गया था। बहरहाल आर्थिक धारणा से लगता है कि आने वाली तिमाहियों में वृद्धि दर बेहतर रहेगी।  नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने भी कहा कि आने वाली तिमाहियों में वृद्धि दर में तेजी देखी जा सकती है। उन्होंंने कहा कि दिसंबर में पीएमआई 5 साल के उच्चतम स्तर 54 पर रहा जबकि रोजमर्रा के इस्तेमाल की उपभोक्ता वस्तुओं की मांग तेजी से बढ़ी है। 
 
प्रति व्यक्ति आय की वृद्धि दर घटेगी
 
देश की प्रति व्यक्ति आय की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में घटकर 8.3 प्रतिशत यानी 1,11,782 रुपये पर आने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2016-17 में भारतीयों की प्रति व्यक्ति आय 9.7 प्रतिशत बढ़कर 1,03,219 रुपये रही थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा जारी पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार वास्तविक मूल्य (2011-12) के हिसाब से 86,660 रुपये रहने का अनुमान है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 82,269 रुपये थी।  वास्तविक मूल्य में प्रति व्यक्ति आय की वृद्धि दर 5.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो इससे पिछले साल 5.7 प्रतिशत रही थी। सीएसओ का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर चार साल के निचले स्तर 6.5 प्रतिशत पर आने का अनुमान है। यह नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल की सबसे निचली वृद्धि दर होगी। कृषि और विनिर्माण क्षेत्र के खराब प्रदर्शन की वजह से वृद्धि दर के निचले स्तर पर रहने का अनुमान है। 
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