नीचे आई थोक महंगाई

ईशान बख्शी | नई दिल्ली Jan 15, 2018 09:50 PM IST

थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूटीआई) आधारित महंगाई दर दिसंबर में 3 महीने के न्यूनतम स्तर 3.58 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो एक माह पहले 3.93 प्रतिशत थी।  केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) की ओर से इसके पहले जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई दर दिसंबर में बढ़कर 5.21 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो 17 महीने का उच्चतम स्तर है। नवंबर में खुदरा महंगाई दर 4.88 प्रतिशत थी।  रेटिंग एजेंसी इक्रा में मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नैयर ने कहा, 'दिसंबर में सीपीआई और डब्ल्यूपीआई महंगाई दर अलग अलग रहने की प्रमुख वजह खाद्य महंगाई है। इससे घरेलू महंगाई बढ़ी है, जो सिर्फ सीपीआई तक सीमित है। दिसंबर महीने में प्राथमिक खाद्य पदार्थों के दाम में गिरावट का असर डब्ल्यूपीआई पर पड़ा है और यह आने वाले महीनों में खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर में कमी आने का संकेत हो सकता है।'
 
डब्ल्यूपीआई में गिरावट मुख्य रूप से प्राथमिक वस्तुओं (जो प्रसंस्कृत नहीं हैं) की वजह से है, जो नवंबर के 5.28 प्रतिशत की तुलना में दिसंबर में 3.86 प्रतिशत रह गया है। सूचकांक मेंं इस श्रेणी की हिस्सेदारी 22.62 प्रतिशत है। इस श्रेणी में खाद्य महंगाई दिसंबर मेंं 4.72 प्रतिशत रह गई है, जो नवंबर मेंं 6.06 प्रतिशत थी। इसमें मोटे अनाज, सब्जियों, अंडों, मांस और मछली की भूमिका अहम रही।  दिसंबर महीने में सब्जियों के दाम में 56.46 प्रतिशत की गिरावट आई है, वहींं दलहन में गिरावट जारी रही। दिसंबर महीने में दलहन के थोक दाम में 34.6 प्रतिशत की कमी आई, जो लगातार 6ठे महीने की गिरावट है। 
 
ईंधन व बिजली की महंगाई दर दिसंबर में 9.16 प्रतिशत रही, जो नवंबर के 8.82 प्रतिशत से ज्यादा है। इससे यह संकेत मिलता है कि उद्योगों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है। वहींं दूसरी ओर विनिर्मित वस्तुओं की थोक महंगाई दर पहले के स्तर 2.6 प्रतिशत पर बनी रही। सूचकांक में इस श्रेणी की हिस्सेदारी 64.23 प्रतिशत है। बहरहाल इस श्रेणी में मूल धातुओं की महंगाई दर नवंबर के 9.9 प्रतिशत से बढ़कर दिसंबर में 10.03 प्रतिशत हो गई है। वहींं सेमी फर्निश्ड स्टील की महंगाई  नवंबर के 2.89 प्रतिशत की तुलना मेंं 6.19 प्रतिशत पर पहुंच गई है। 
कीवर्ड WTI, CPI, WPI, rating,

  
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