राज्यों के राजस्व से कम मुआवजा उपकर संग्रह

दिलाशा सेठ | नई दिल्ली Jan 19, 2018 09:49 PM IST

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत पिछले महीने राज्यों के राजस्व संग्रह में कमी, उपकर के जरिये जुटाए गए मुआवजा राजस्व की तुलना में अधिक थी। गुरुवार को जीएसटी परिषद में इस चिंताजनक रुझान पर चर्चा की गई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिसंबर में उपकर  से जुटाई गई राशि 78.5 अरब रुपये थी जबकि राजस्व में कमी 88.9 अरब रुपये थी जो चिंताजनक है। उनका कहना था, 'अतिरिक्त एकीकृत जीएसटी पूंजी से मदद मिलने की उम्मीद है।' परिषद ने कुछ चुनिंदा लक्जरी और हानिकारक वस्तुओं पर अतिरिक्त उपकर लगाया था जो जीएसटी स्लैब में अधिकतम 28 फीसदी तक था। एक राज्य के राजस्व की गणना करने के लिए आधार वर्ष 2015-16 होगा और जीएसटी पर अमल किए जाने के पहले पांच सालों में प्रत्येक राज्य के संभावित राजस्व की गणना के लिए 14 फीसदी की सालाना वृद्धि दर को ही केंद्र में रखा जाएगा। 
 
इस तरह के प्रस्तावों से राज्य स्तरीय करों को जीएसटी में शामिल करने के लिए राज्यों का आत्मविश्वास बढ़ा था।  अक्टूबर में जीएसटी संग्रह में कमी की शुरुआत हो गई और यह नवंबर में 800 अरब रुपये के निचले स्तर पर चली गई। इसी वजह से परिषद ने केंद्र और राज्यों के बीच 350 अरब रुपये के एकीकृत जीएसटी का वितरण करने का फैसला किया। दिसंबर में राज्यों के राजस्व में औसत गिरावट 20.7 फीसदी और नवंबर में 20.9 फीसदी रही जब इन दो महीने के दौरान नरेंद्र मोदी सरकार ने कर दरों में बदलाव, ज्यादा प्रोत्साहन देने, लघु एवं मध्यम उद्यमों को राहत देने जैसे कई उपायों पर जोर दिया।
कीवर्ड GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,

  
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