आईसीआईसीआई बैंक की नजर अर्थव्यवस्था में वृद्धि के नए अवसरों पर

भाषा | दावोस Jan 24, 2018 02:26 PM IST

आईसीआईसीआई बैंक की निगाह भारतीय अर्थव्यवस्था में वृद्धि के अवसरों के लिए नए क्षेत्रों पर है। बैंक की प्रमुख चंदा कोछड़ ने कहा कि नोटबंदी और वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के क्रियान्वयन के बाद कई नए क्षेत्रों में अवसर बने हैं। कोछड़ ने विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की सालाना शिखर बैठक के मौके पर अलग से साक्षात्कार में कहा कि लघु मझोले उद्यम औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन रहे हैं। इनसे वृद्धि के बड़े अवसर पैदा हुए हैं। सरकार का भी एमएसएमई क्षेत्र को कर्ज पर जोर है। कोछड़ ने कहा कि निपटान की प्रक्रिया आगे बढऩे तथा सरकार के निवेश के रफ्तार पकड़ने से निवेश का वातावरण सुधरेगा। इससे अंतत: निजी निवेश में तेजी आएगी। हम भी इसका हिस्सा बनना चाहेंगे।

आईसीआईसीआई बैंक सहित बैंकिंग क्षेत्र की गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए) के बारे में पूछे जाने पर कोछड़ ने कहा कि सार्वभौमिक बैंक के रूप में हमने अर्थव्यवस्था में प्रत्‍येक वृद्धि के अवसर में भागीदारी की है। वित्तीय सेवा क्षेत्र में मौजूदगी से कारोबारी चक्र वृद्धि की प्रक्रिया का हिस्सा होता है। उन्होंने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण दौर में हमने प्रौद्योगिकी में अपनी अग्रणी स्थिति को कायम रखना है। बैंक के खुदरा बही खाते की वृद्धि दर 18 प्रतिशत है। कोछड़ ने कहा कि कॉरपोरेट बैंकिंग प्रक्रिया जरूर प्रभावित हुई है, लेकिन अन्य क्षेत्र ऐसे हैं जहां वृद्धि मजबूत बनी हुई है।

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