खेतीबाड़ी में मशीनों का इस्तेमाल बढ़ा, छोटी जोत चिंता की वजह: समीक्षा

भाषा | नई दिल्ली Jan 29, 2018 04:32 PM IST

देश में खेतीबाड़ी के काम में यांत्रिकीकरण यानी मशीनों का इस्तेमाल बढ़ा है लेकिन जोतों (खेतों) का छोटा आकार चिंता की वजह है। इसके अनुसार कृषि यांत्रिकीकरण का समुचित लाभ उठाने के लिए जोतों को बड़ा किए जाने की जरूरत है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा आज संसद में पेश आर्थिक समीक्षा 2017-18 में यह बात कही गई है। इसके अनुसार भारतीय किसान पहले की तुलना में तेजी से कृषि यांत्रिकीकरण अपना रहे हैं। समीक्षा के अनुसार ट्रैक्टरों की बड़ी संख्या में बिक्री यांत्रिकीकरण के स्तर को दिखाती है।

विश्व बैंक के अनुमान के हवाले से इसमें कहा गया है कि भारत की आधी आबादी 2050 तक शहरी हो जाएगी जबकि कुल श्रम बल में कृषि श्रमिकों का प्रतिशत 2001 के 58.2 प्रतिशत से गिरकर 2050 तक 25.7 प्रतिशत तक आ जाएगा इसलिए देश में कृषि यांत्रिकी के स्तर को बढ़ाने की आवश्यकता है। विभिन्न कृषि कार्यों में श्रम की सघन भागीदारी के कारण कई फसलों में उत्पादन की लागत काफी अधिक है। इसके अनुसार पिछले कुछ वर्षों के दौरान यांत्रिकी और बिजली के स्रोतों के उपयोग की दिशा में बदलाव आया है। समीक्षा के अनुसार भारतीय कृषि में छोटे परिचालनगत जोतों की संख्या काफी अधिक है इसलिए कृषि यांत्रिकीकरण का लाभ उठाने के लिए जोतों के संघटन की जरूरत है। 

 
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