पारदर्शिता लाने के लिए श्रम कानूनों को लागू करने में प्रौद्योगिकी का उपयोग: समीक्षा

भाषा | नई दिल्ली Jan 29, 2018 05:06 PM IST

देश में प्रौद्योगिकी के उपयोग से श्रम काननों के प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन में मदद मिलेगी तथा अधिक पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित होगी। आर्थिक समीक्षा में यह बात कही गई है। वित्त मंत्री अरूण जेटली द्वारा संसद में आज पेश 2017-18 की समीक्षा में प्रौद्योगिकी आधारित पहल समेत विभिन्न श्रम सुधारों को रेखांकित किया गया है। प्रौद्योगिकी आधारित पहल से अनुपालन में जटिलता कम कर डिलीवरी सुनिश्चित हुई है। समीक्षा में रोजगार अवसर सृजित करने तथा अर्थव्यवस्था के असंगठित क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम कर रहे लोगों को सतत आजीविका उपलब्ध कराने के लिए श्रम क्षेत्र में विधायी सुधारों का भी विस्तार से जिक्र किया गया है।

इसमें कहा गया है कि सरकार ने श्रम सुविधा पोर्टल, विभिन्न श्रम कानूनों के तहत रजिस्टर का रख-रखाव को लेकर नियमों के अनुपालन को सुगम बनाने, सार्वभौमिक खाता संख्या तथा नैशनल कैरिअर सर्विस पोर्टल जैसे रूपांतरणकारी उपायों के लिए कई प्रौद्योगिकी युक्त पहल की। समीक्षा के अनुसार 2017-18 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून के तहत अबतक का सर्वाधिक बजट आबंटित किया गया है। इसमें कहा गया है कि वित्त् वर्ष 2017-18 में 14 जनवरी 2018 तक करीब 4.6 करोड़ परिवारों को कुल 177.8 करोड़ मानव दिवस रोजगार दिए गए। 

 
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