बैंकों के फंसे कर्ज का समाधान होने के साथ बढ़ेगा निजी निवेश: समीक्षा

भाषा | नई दिल्ली Jan 29, 2018 07:51 PM IST

संसद में आज पेश आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि बैंकों को नई पूंजी मिलने और उनके फंसे कर्ज का समाधान करने के जो प्रयास किए जा रहे हैं उससे ऐसा लगता है कि निजी क्षेत्र के निवेश में वापस उछाल आ सकता है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2017-18 की आर्थिक समीक्षा आज संसद के पटल पर रखी। इसमें कहा गया है कि सरकार ने फंसे कर्ज के बोझ तले दबे सार्वजिनक क्षेत्र के बैंकों के लिए जीडीपी के 1.2 प्रतिशत राशि का पुनर्पूंजीकरण पैकेज घोषित किया है।

सरकार ने पिछले सप्ताह ही बैंकिंग क्षेत्र के लिए कई सुधारों की घोषणा की है। सरकार ने कहा कि वह इसी वित्त वर्ष में 31 मार्च से पहले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 88,139 करोड़ रुपये की पूंजी डालेगी। आम बजट से पहले जारी आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि जैसे जैसे इन दो सुधारों को आगे बढ़ाया जाएगा, कंपनियां अंतत: खर्च करना शुरू करेंगी और बैंक आर्थिक रूप से गंभीर प्रभाव वाले क्षेत्रों को कर्ज देना शुरू करेंगे। इनमें ढांचागत और विनिर्माण क्षेत्र काफी महत्वपूर्ण हैं। इसमें कहा गया है कि निजी क्षेत्र के निवेश में आने वाले समय में उछाल आ सकता है क्योंकि जो कारक अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर बनाए हुए थे उनमें अंतत: सुधार दिखने लगा है। 

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