नीति आयोग ने बस्तर विकास योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी

भाषा | नई दिल्ली Jan 31, 2018 05:41 PM IST

नीति आयोग ने छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए सड़क, दूरसंचार, शिक्षा, एलपीजी तथा बैंक से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। राज्य में बस्तर उन क्षेत्रों में से एक है जो नक्सली गतिविधियों से सर्वाधिक प्रभावित है। यहां मंगलवार को हुई बैठक में इस आशय की मंजूरी दी गई। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अजय सिंह, नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार तथा उसके मुख्य कार्यपालक अधिकारी अमिताभ कांत तथा कुछ केंद्रीय विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार राष्ट्रीय सड़क परियोजना-दो के तहत बस्तर में 600 किलोमीटर अतिरिक्त सड़कों के निर्माण के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी गई।

साथ ही दूरदराज के क्षेत्रों में संपर्क सुविधा बढ़ाने के लिए दूरसंचार सेवाओं के विस्तार के लिए 65 करोड़ रुपये को मंजूरी दी। इस राशि का उपयोग बस्तर क्षेत्र में संचार सुविधाओं को बेहतर बनाने किया जाएगा। साथ ही पहले चरण में 402 टावरों तथा दूसरे चरण में 1,028 दूरसंचार टावरों के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाएगी। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 10 माओवादी प्रभावित ब्लाक को शैक्षणिक रूप से पिछड़ा घोषित करने की भी सैद्धांतिक मंजूरी दी है। नीति आयोग ने बस्तर के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक सेवाओं के विस्तार को भी मंजूरी दी। वित्तीय सेवा विभाग ने कहा है कि वह तुरंत संबंधित बैंकों के साथ मामले को उठाएगा ताकि इन क्षेत्रों में 88 नई शाखांए खोली जाए। 

विज्ञप्ति के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत समर्पण किए 1,555 नक्सलियों के लिए मकानों का निर्माण किया जाएगा। ए वे लोग हैं जिनके नाम 2011 के सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना में नहीं हैं। इसके अलावा क्षेत्र में केरोसीन का कोटा बनाए रखने के साथ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 26 नए एलपीजी वितरक बनाए जाएंगे। नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने केंद्र के विभिन्न विभागों से इन प्रस्तावों के शीघ्रता से क्रियान्वयन करने को कहा है।

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