राज्यों को 900 अरब जीएसटी मुआवजा

अरूप रॉयचौधरी | नई दिल्ली Feb 06, 2018 09:58 PM IST

नरेंद्र मोदी सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से 2018-19 में राज्यों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए 900 अरब रुपये का बजट रखा है। केंद्र सरकार द्वारा 2017-18 में राज्योंं को हुए नुकसान के एवज में 619 अरब डॉलर के अनुमानित मुआवजे की तुलना में इसमेंं 47 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। 2018-19 के बजट का आकार 24.4 लाख करोड़ रुपये है, ऐसे में जीएसटी मुआवजा बजट का करीब 3.6 प्रतिशत है।  मध्यावधि राजकोषीय नीति वक्तव्य (जो बजट दस्तावेज का हिस्सा है) के मुताबिक केंद्र ने 2019-20 और 2020-21 के लिए भी 900 अरब रुपये उपकर मुआवजे का अनुमान लगाया है। बहरहाल यह अनंतिम अनुमान हैं और आगामी बजटों में इसमें बदलाव हो सकता है। 
 
क्षतिपूर्ति उपकर महंगे सामान जैसे लग्जरी कारों और डिमेरिट वाले सामानों जैसे तंबाकू पर लगाया गया है। कानून के मुताबिक केंद्र सरकार जीएसटी के कारण राज्यों को होने वाले राजस्व नुकसान के एवज में 5 साल तक मुआवजा देगी।  बजट दस्तावेज में यह भी साफ किया गया है कि जिस राशि को क्षतिपूर्ति उपकर के रूप में चिह्नित किया गया है, उसका इस्तेमाल अन्य कार्यों के लिए नहीं किया जा सकता है।  बजट दस्तावेज में कहा गया है, '2018-19 के बजट अनुमान में यह राशि 900 अरब रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है, जो 2017-18 के पुनरीक्षित अनुमान में 613 अरब रुपये रखा गया था।' 
 
दस्तावेज में कहा गया है, '2018-19 का कुल व्यय दिखाता है कि 2017-18 के पुनरीक्षित अनुान की तुलना में इसमें 10.12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अगर हम मुआवजा उपकर के हिसस्से को व्यय में से निकालकर देखें तो इसमें 9.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।' बजट दस्तावेज से यह भी पुष्टि होती है कि 2017-18 में 12 महीने के बजाय 11 महीने में जीएसटी से अनुमानित राजस्व 350-360 अरब रुपये कम होगा, जो इस साल कुल 500 अरब रुपये राजस्व की कमी का हिस्सा है। सोमवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि 360 अरब रुपये का नुकसान इसलिए दिख रहा है क्योंकि 12वें महीने की प्राप्तियां इसमें शामिल नहीं हैं, जिसकी वजह से राजकोषीय घाटा जीडीपी के 3.2 प्रतिशत के लक्ष्य से बढ़कर 3.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। 
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