दीर्घावधि पूंजी कर को सही ठहराया

इंदिवजल धस्माना और अर्चिस मोहन |  Feb 08, 2018 10:52 PM IST

अमीरों पर कर लगाना है एलटीसीजीटी का मकसद

सरकार ने कई फैसले किए हैं। हम जानते हैं कि कठिन निर्णय लिए जाते हैं तो उसकी चुनौतियों का सामना कैसे किया जाता है।
अरुण जेटली, वित्त मंत्री

मोदी सरकार का कराधान सिद्धांत आम लोगों पर प्रत्यक्ष कर का बोझ डालने वाला और अमीरों को लाभ पहुंचाने वाला है।
पी. चिदंबरम, पूर्व वित्त मंत्री

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शेयरों पर दीर्घावधि पूंजी लाभ कर (एलटीसीजीटी) लगाने के फैसले का बचाव करते हुए आज कहा कि इस बजट प्रावधान का मकसद समाज के अमीर वर्गों पर कर लगाना है। उन्होंने साथ ही कहा कि सरकार ने इस चुनौतीपूर्ण समय में भी बजट में मध्य वर्ग को 12,000 करोड़ रुपये की राहत दी है।

जेटली ने विश्लेषकों की इस राय पर आश्चर्य जताया कि एलटीसीजीटी की घोषणा से बाजार में गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि वैश्विक कारणों से ऐसा हुआ है। वित्त मंत्री ने पूछा, 'क्या डाऊ जोंस में गिरावट के लिए भी कर जिम्मेदार है?' वह बजट पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष खासकर कांग्रेस के सदस्यों के बीच लोकसभा में राफेल सौदे के बारे में तीखी बहस हुई। जेटली ने कहा कि सुरक्षा कारणों से इस सौदे का खुलासा नहीं किया जा सकता है। 

वित्त मंत्री को शुक्रवार को राज्यसभा में चर्चा का जवाब देना है। संसद के उच्च सदन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने चर्चा की शुरुआत की। शुक्रवार बजट सत्र के पहले चरण का आखिरी दिन है। दूसरा चरण एक महीने बाद मार्च में शुरू होगा। चिदंबरम ने रोजगार पैदा करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने और 50 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य बीमा देने के सरकार के वादों को खोखला बताया।

उन्होंने कहा कि मुख्य आर्थिक सलाहकार को शोधपरक आर्थिक समीक्षा के लिए बधाई दी लेकिन राजग सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वह अपने 4 साल के कार्यकाल में देश की तीन सबसे बड़ी समस्याओं शिक्षा और स्वास्थ्य, बेरोजगारी और कृषि का समाधान करने में नाकाम रही।

भाजपा सदस्यों के शोर-शराबे के बीच कांग्रेस नेता ने कहा सरकार की आर्थिक नीति को 'धोखा' बताया। चिदंबरम ने कहा कि सरकार का कराधान सिद्धांत आम लोगों पर प्रत्यक्ष कर का बोझ डालने वाला और अमीरों को लाभ पहुंचाने वाला है। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य, रोजगार सृजन और महत्त्वाकांक्षी स्वास्थ्य बीमा योजना को जुमला करार दिया। उन्होंने कहा, 'हम तीन तलाक विधेयक का समर्थन कर सकते हैं लेकिन इस तीन जुमले का नहीं।' दीर्घावधि पूंजी लाभ कर को सही ठहराते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इसका असर केवल अमीर निवेशकों पर पड़ेगा और 1 लाख रुपये सालाना कमाई पर इससे छूट मिलेगी। इन अमीर निवेशकों में बड़े कारोबारी, सीमित दायित्व साझेदारी वाली इकाइयां और विदेशी संस्थागत निवेशक शामिल हैं।
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