निर्यातकों के जीएसटी रिफंड के दावे घटे

शुभायन चक्रवर्ती | नई दिल्ली Feb 22, 2018 09:56 PM IST

सरकार ने अब कहा है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत निर्यातकों द्वारा कर रिफंड के दावे जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से दिसंबर तक 55 अरब रुपये हैं। पिछले साल वित्त मंत्रालय ने घोषणा की थी कि पिछले साल अक्टूबर तक निर्यातकों ने 65 अरब रुपये कर रिफंड का दावा किया है, जिसकी तुलना में यह राशि बहुत कम है। निर्यातक लगातार यह दावा कर रहे हैं कि संबंधित सरकारी प्राधिकारियों ने कर रिफंड के करोड़ो रुपये का भुगतान अभी नहीं किया है। इस मसले पर सरकार की लिखित सूचना को बिजनेस स्टैंडर्ड ने पढ़ा है, जिसमें कहा गया है कि कुल 19.23 अरब (55 अरब में से) का भुगतान दिसंबर तक कर दिया गया है। निर्यातकोंं के शीर्ष निकाय फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोट्र्स ऑर्गेनाइजेशन (फियो) के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा, 'यह राशि स्वाभाविक रूप से ऊपर जानी चाहिए, लेकिन इसकी जगह यह घट गई है। सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों में कोई संगति नहीं है।' उद्योग जगत का अनुमान है कि राज्यों व केंद्र सरकारक द्वारा किए जाने वाले कर रिफंड की राशि 500 अरब रुपये होगी। सहाय ने कहा कि ड्यूटी ड्राबैक योजना के तहत राज्य सरकारों को अभी कर में राज्यों के हिस्से का रिफंड करना है।
 
खामियां बरकरार
 
फियो के अध्यक्ष गणेश कुमार गुप्ता ने कहा, 'अपने लंबित दावोंं को लेकर निर्यातक अंधेरे में हैं। सीमा शुल्क प्राधिकारियों से मिल रही प्रतिक्रिया भी बहुत सीमित है। ऐसे में यह जरूरी है कि रिफंड की स्थिति की जानकारी दिए जाने की सुविधा मुहैया कराई जानी चाहिए, जिससे कि निर्यातक यह जान सकें कि कोई खामी है या रिफंड किस चरण में फंसा है।'  बहरहाल केंद्र के स्तर पर वित्त मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि दावे यथोचित फॉर्म और शिपिंग बिल से मैच करते हुए नहीं किए गए हैं। बहरहाल उद्योग का दावा है कि इलेक्ट्रॉनिक तरीके से कर दाखिल करने में समस्याएं आ रही हैं क्योंकि कुछ घोषणाएं कर अधिकारियों पर निर्भर हैं, जो उपलब्ध कराना कानूनी रूप मुश्किल है। 
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