आर्थिक गतिविधियों में नजर आएगी तेजी

ईशान बख्शी | नई दिल्ली Feb 26, 2018 09:33 PM IST

वित्त वर्ष 2017-18 की तीसरी तिमाही में आर्थिक गतिविधियों के गति पकडऩे की संभावना है। उच्च औद्योगिक वृद्धि दर और केंद्र सरकार की ओर से खर्च बढऩे से यह उम्मीद जताई जा रही है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि वित्त वर्ष 18 की तीसरी तिमाही में सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) 6.8 प्रतिशत रहने की संभावना है, जो वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में 6.1 प्रतिशत था। 
वित्त वर्ष 18 की पहली तिमाही में जीवीए 5.6 प्रतिशत बढ़ा था। दिसंबर में समाप्त तिमाही में निवेश गतिविधियों के भी गति पकडऩे की संभावना है। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय तीसरी तिमाही के आंकड़ों के साथ 2017-18 का दूसरा अग्रिम अनुमान बुधवार को पेश कर सकता है। 
औद्योगिक गतिविधियां तीसरी तिमाही में गति पकड़ती नजर आ सकती हैं क्योंकि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के बदलाव के बाद स्थिरता आ रही है। बिजनेस स्टैंडर्ड की ओर से किए गए 1000 कंपनियों के विश्लेषण से पता चलता है कि वित्त वर्ष 18 की तीसरी तिमाही में मौजूदा भाव पर जीवीए 16.2 प्रतिशत बढ़ा है। इन चुनिंदा फर्मों का जीवीए वित्त वर्ष 18 की पहली तिमाही में 2.4 प्रतिशत के न्यूनतम स्तर पर था क्योंकि जीएसटी लागू होने के अनुमान में फर्मों ने उत्पादन में कटौती कर दी थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय के मुताबिक इसकी तुलना में चालू मूल्य पर उद्योगों का जीवीए वित्त वर्ष 18 की दूसरी तिमाही में 8.3 प्रतिशत बढ़ा है, जो वित्त वर्ष 18 की पहली तिमाही की तुलना में 4.9 प्रतिशत ज्यादा है। इससे कॉर्पोरेट परिणामों का अनुमान मिलता है। 
भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्यकांति घोष ने एक रिसर्च नोट में कहा है, '3415 सूचीबद्ध इकाइयों के परिणाम से वित्त वर्ष 18 की तीसरी तिमाही में वित्त वर्ष 17 की तीसरी तिमाही की तुलना में 17.08 प्रतिशत की निचले स्तर और 11.36 प्रतिशत के उच्च स्तर की उत्साहजनक वृद्धि का पता चलता है। हमारा मानना है कि अगर मौजूदा धारणा शेष कंपनियों में भी जारी रही तो विनिर्माण क्षेत्र का जीवीए वित्त वर्ष 18 की तीसरी तिमाही में 8-10 प्रतिशत के बीच रहेगा।' 
घोष को उम्मीद है कि  वित्त वर्ष 18 की तीसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 6.5 से 7 प्रतिशत के बीच रहेगी, जो इसके पहले की तिमाही के 6.3 प्रतिशत से ज्यादा है। 
इक्रा ने एक रिसर्च नोट में कहा है कि बढ़ोतरी की वजह अनुकूल आधार प्रभाव, त्योहारी सीजन के पहले भंडारण और वित्त वर्ष 2018 की पहली छमाही में वृद्धि दर कम रहना है। इक्रा को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 18 की तीसरी तिमाही में जीवीए 6.8 प्रतिशत रहेगा।  प्रमुख आर्थिक सूचकांक भी संकेत दे रहे हैं कि औद्योगिक गतिविधियों में तेजी रहेगी। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी), जो निश्चित रूप से मात्रा का सूचक है, वित्त वर्ष 18 की तीसरी तिमाही में 5.9 प्रतिशत बढ़ा है, जो वित्त वर्ष 18 की दूसरी तिमाही में 3.3 प्रतिशत था। वित्त वर्ष 18 की पहली तिमाही में यह 1.9 प्रतिशत बढ़ा था। केयर में  मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, 'हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 18 की तीसरी तिमाही में जीवीए पर उच्च औद्योगिक उत्पादन का असर रहेगा। सीमेंट और स्टील जैसे क्षेत्रों में सुधार हुआ।
कीवर्ड Economic activities, Industry, Growth rate,

  
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