सरकार के लक्ष्य से कम रहा जीएसटी संग्रह

दिलाशा सेठ | नई दिल्ली Feb 27, 2018 09:43 PM IST

केंद्र की चिंता

सरकार का लक्ष्य 910 अरब प्रति माह कर संग्रह का
पिछले 4 महीनों में 900 अरब का आंकड़ा भी नहीं छू पाया जीएसटी संग्रह

जनवरी में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह स्थिर रहा। हालांकि मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ोंं के मुताबिक यह सरकार के अनुमान से बहुत कम रहा। जनवरी में जीएसटी संग्रह 863 अरब रुपये रहा, जो इसके पहले महीने के 867 अरब रुपये से थोड़ा कम है। केंद्र व राज्यों के 910 अरब रुपये के मासिक लक्ष्य की तुलना में यह बहुत कम है। 

सरकार को उम्मीद है कि 1 अप्रैल से  इलेक्ट्रॉनिक वे बिल फिर से पेश किए जाने के बाद कर संग्रह में सुधार होगा, जिससे वस्तुओं की एक राज्य से दूसरे राज्य में आवाजाही पर नजर रहेगी और कर चोरी रोकने में मदद मिलेगी। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक कर संग्रह लगातार चौथे महीने 900 अरब रुपये से कम रहा है। नवंबर में कर प्राप्ति 808.08 अरब रुपये था और अक्टूबर में 833 अरब रुपये था। 

केंद्र सरकार के बजट अनुमानों में 2017-18 के आंकड़ोंं के मुताबिक 910 अरब रुपये जीएसटी संग्रह का लक्ष्य रखा गया है और इसी के मुताबिक राज्योंं का राजस्व कम होने पर मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। इक्रा में प्रमुख अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि सरकार का जीएसटी संग्रह 2018-19 में 1 फरवरी को पेश किए गए बजट अनुमान की तुलना मेंं थोड़ा कम रह सकता है।

नायर ने कहा, 'जनवरी 2018 के लिए जीएसटी का संग्रह (जो 25 फरवरी 2018 तक प्राप्त हुआ है) पहले के महीने के बराबर ही है। इस तरह से सीजीएसटी और आईजीएसटी संग्रह वित्त वर्ष 18 में सरकार के पुनरीक्षित अनुमान 3.83 लाख करोड़ रुपये से कम रह सकता है।' वित्त सचिव हसमुख अढि़या ने इसके पहले कहा था कि जीएसटी परिषद द्वारा 350 अरब एकीकृत जीएसटी को केंद्र व राज्यों मेंं बराबर बराबर विभाजित करने के बाद अप्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष में हासिल किया जा सकता है। डेलॉयट इंडिया के वरिष्ठ निदेशक एमएस मणि ने कहा, 'जनवरी महीने में उम्मीद से कम जीएसटी संग्रह कम रहने से सरकार कर चोरी रोकने के कदम उठाने पर जोर देगी जिसमें इनवाइस का मिलान, विनियमन के बाहर के डीलरों के साथ लेन देन में रिवर्स चार्ज, ट्रांजिशन क्रेडिट सिक्योरिटी आदि शामिल हैं।'

पीडब्ल्यूसी इंडिया के पार्टनर प्रतीक जैन ने कहा, 'ई-वे बिल लागू होने और मासिक रिटर्न दाखिल करने में हर माह आ रही कमी से हम देख सकते हैं कि आने वाले महीनों में प्रशासनिक कड़ाई और कर चोरी रोकने का अभियान चलाया जा सकता है।' उन्होंने कहा कि कारोबारियोंं के ओपनिंग क्रेडिट दावों की कड़ाई से जांच किए जाने की भी उम्मीद है।
कीवर्ड GST, Tax, indirect,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक