स्थायी रोजगार पर न पड़े अनुबंध की मार..

सोमेश झा | नई दिल्ली Feb 27, 2018 10:48 PM IST

अनुबंधित रोजगार की डगर

सरकार को डर है कि कंपनियां अनुबंध आधारित रोजगार व्यवस्था का कर सकती हैं गलत इस्तेमाल
अनुबंध आधारित रोजगार व्यवस्था में कर्मचारियों को मिलेंगी सभी नियमित सुविधाएं

केंद्र सरकार प्रस्तावित निश्चित अवधि के लिए अनुबंध आधारित रोजगार व्यवस्था के दुरुपयोग को रोकने के लिए कुछ उपाय करने की योजना बना रही है। सरकार को अंदेशा है कि कंपनियां इस प्रस्तावित ढांचे का इस्तेमाल कर अपने स्थायी कर्मचारियों को अस्थायी कर्मचारियों में तब्दील कर उन्हें नौकरी से हटा सकती हैं। 

इस बारे में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया, 'निश्चित अवधि के लिए रोजगार पर रखे गए कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा के लिए हम कुछ उपाय करेंगे। नया कानून आने के बाद सबसे पहले तो कंपनियों को स्थायी कर्मचारियों को निश्चित अवधि के लिए रोजगार पर रखे गए कर्मचारियों में तब्दील करने से रोका जाएगा।'

अधिकारियों ने कहा कि निश्चित अवधि के लिए रोजगार ढांचे में कार्यकारी आदेश के तहत प्रावधान कर स्थायी कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि 15 फरवरी को राज्य सरकारों, कर्मचारी संघों एवं उद्योग के साथ एक परामर्श बैठक हुई थी, जिसके बाद कर्मचारियों के हित सुरक्षित करने के लिए कुछ उपाय करने पर फैसला हुआ है। सूत्रों ने कहा कि बैठक में उपस्थित सभी 12 राज्य सरकारें निश्चित अवधि के अनुबंध के पक्ष में थीं।  नियोक्ताओं के संगठनों के अलावा राष्टï्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) समर्थित भारतीय मजबूद संघ सहित तीन कर्मचारी संघों ने भी इस पहल का समर्थन किया।  

नैशनल फ्रंट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस और ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर जैसे कर्मचारी संघों ने भी निश्चित अवधि के लिए रोजगार की व्यवस्था की पहल का समर्थन किया। हालांकि कुछ दूसरे कर्मचारी संघों ने केंद्रीय बजट में इस पहल की घोषणा करने से पहले उनसे सलाह नहीं करने पर प्रतिरोध जताया और बैठक से बाहर चले गए। वित्त वर्ष 2018-19 के बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली सभी नियोक्ताओं के लिए निश्चित अवधि के लिए कर्मचारियों को रखने की व्यवस्था देने की घोषणा की थी।

इस व्यवस्था के तहत उद्योग छोटी अवधि के कार्यों के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति कर सकते हैं और परियोजना पूरी होने पर उनकी सेवाएं समाप्त कर सकते हैं। हालांकि  कंपनियों को स्थायी कर्मचारियों की तरह ही अनुबंध पर रखे गए कर्मचारियों को सभी सामाजिक सुरक्षा लाभ एवं अन्य सुविधाएं देनी होंगी। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 8 जनवरी 2018 को मसौदा औद्योगिक रोजगार (स्थायी आदेश) केंद्रीय (संशोधन) दिशानिर्देश, 2018 जारी किए थे और इस पर 30 दिनों के भीतर सार्वजनिक टिप्पणी आमंत्रित की थी।

मसौदा अधिसूचना के अनुसार निश्चित अवधि के लिए अनुबंध पर रखे गए कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारियों को उपलब्ध सभी सेवाएं एवं सुविधाएं दी जाएंगी। श्रम मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि इनमें बोनस, ग्रैच्युटी और सेवा के दौरान दुर्घटना में स्वाभाविक मौत होने पर अन्य भत्तों के अलावा कर्मचारी भविष्य निधि एवं बीमा सुविधा जैसे लाभ भी दिए जाएंगे। 

हालांकि नियोक्ताओं के लिए लिए निश्चित अवध्धि के लिए अनुबंध पर रखे गए कर्मचारियों को सेवा समाप्ति पर छंटनी के समय दिए जाने वाला मुआवजा देना  अनिवार्य नहीं होगा। प्रस्तावित ढांचे के तहत नियोक्ता के लिए ऐसे कर्मचारियों को अनुबंध नहीं बढऩे या इसकी समाप्ति का नोटिस देने की बाध्यता नहीं होगी। केंद्र सरकार अनुबंध का नवीकरण किए जाने की अधिकतम संख्या तय करने पर विचार किया।
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