41 स्टेशनों पर मैनुअल रिकॉर्डिंग खत्म

एजेंसियां | नई दिल्ली Mar 05, 2018 10:34 PM IST

रेल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रेलवे ने विभिन्न जोन के 41 प्रमुख रेलवे जंक्शनों पर समयबद्धता के प्रदर्शन की मैनुअल रिकॉर्डिंग व्यवस्था खत्म कर दी है, जिससे इस तरह के आंकड़ोंं की सही रिपोर्टिंग हो सके। 
रेलवे बोर्ड ने इसके पहले निर्देश जारी किया था कि जोनल रेलवेज 34 जंक्शनों पर गाडिय़ों के आने जाने के  समय को 1 जनवरी से डेटा लॉगर से जोड़े, जिससे कि समयबद्धता की स्वत: रिपोर्टिंग हो सके। 
डेटा लॉगर (डेटा रिकॉर्डर) एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जो समय  या लोकेशन को लेकर आंकड़े एकत्र करता है। 
बोर्ड ने अपने निर्देश में कहा था कि समयबद्धता की सही रिपोर्टिंग जरूरी है, जिससे कि ट्रेनों के चलने की सही स्थिति की जानकारी मिल सके, जिससे यात्रियों की रेल के बारे में धारणा में भी सुधार होगा। 
उधर रेलगाडिय़ों के समय पर चलना सुनिश्चित करने के लिए रेलवे की एक समिति ने सुझाव दिए हैं कि कम यात्री संख्या वाली ट्रेनें रद्द की जाएं और रेलगाडिय़ों के ठहराव के समय में कमी लाई जाए। रेलगाडिय़ों की समय सारिणी को ठीक करने पर रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंपी गई है, जिसमें रेलवे जोन के प्रदर्शन में सुधार के लिए कई सुझाव दिए गए हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर रेलगाडिय़ों में यात्रियों की संख्या काफी कम है तो उन्हें रद्द किया जाना चाहिए और उपलब्ध रेलगाडिय़ों में यात्रियों को समायोजित किया जाना चाहिए। इसमें सुझाव दिया गया है कि रेलगाडिय़ों के समय पर परिचालन के लिए ठहराव के समय में कटौती की जाए।
अधिकारियों ने बताया कि रेलवे बोर्ड ने विभिन्न जोन को निर्देश जारी कर दिए हैं कि खर्चीले हॉल्ट की सूची बनाई जाए और या तो उन्हें खत्म किया जाए या वहां ठहराव के समय में कमी लाई जाए। रिपोर्ट में बोर्ड को दीर्घ समय और अल्प समय में किए जाने वाले सुधारों पर भी सुझाव दिए गए हैं। 
 अल्प समय के लक्ष्य में इसने रेल पटरियों पर बाड़ लगाने का प्रस्ताव दिया है ताकि मनुष्य, जानवर और वाहनों को इनसे दूर रखा जाए। रिपोर्ट में कहा गया है कि दीर्घ समय के उपायों में ट्रेनों के समय पर चलने के लिए रेलवे को उपनगरीय और मुख्य लाइन कोरीडोर को अलग करना चाहिए। साथ ही मालगाड़ी और कोचिंग कोरीडोर भी यथासंभव अलग किए जाने चाहिए। 
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