उपायों से आइडिया-वोडाफोन को अधिक फायदा

किरण राठी | नई दिल्ली Mar 08, 2018 10:37 PM IST

भारी ऋण बोझ तले दबे दूरसंचार क्षेत्र के लिए सरकार द्वारा घोषित उपायों से सबसे अधिक फायदा आइडिया-वोडाफोन एकीकृत कंपनी को होगा क्योंकि एकीकृत कंपनी के मध्यावधि नकदी प्रवाह में उल्लेखनीय इजाफा हो सकता है और वह प्रमुख बाजारों में स्पेक्ट्रम बरकरार रख सकती है।

 

डॉयचे बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, स्पेक्ट्रम शुल्क के लिए भुगतान की अवधि लंबी होने के कारण आइडिया-वोडाफोन एकीकृत कंपनी की स्पेक्ट्रम पर सालाना किस्त 30 फीसदी कम हो जाएगी। इस प्रकार एकीकृत कंपनी को अन्य तमाम दूरसंचार कंपनियों के मुकाबले सबसे अधिक फायदा होगा।

 

 

 

 

रिपोर्ट में कहा गया है, 'आइडिया-वोडाफोन एकीकृत कंपनी के लिए 100 अरब रुपये के वर्तमान सालाना एबिटा के मुकाबले वार्षिक किस्त करीब 160 अरब डॉलर होगा। भारती (एयरटेल) के भारतीय परिचालन के लिए किस्त करीब 90 अरब रुपये और सालाना एबिटा करीब 230 अरब रुपये है।' रिलायंस जियो के लिए सालाना किस्त करीब 45 अरब रुपये है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मोबाइल ऑपरेटरों के लिए स्पेक्ट्रम शुल्क के भुगतान की अवधि को मौजूदा 10 वर्ष से बढ़ाकर 16 वर्ष कर दिया है। साथ ही मोबाइल ऑपरेटरों के लिए स्पेक्ट्रम धारिता सीमा को भी आसान बनाया गया है। किसी खास बैंड में ऑपरेटरों द्वारा स्पेक्ट्रम रखने की सीमा को खत्म कर दिया गया है जबकि 1 गीगाहट्ïर्ज से कम बैंड में एकीकृत स्पेक्ट्रम पर 50 फीसदी की सीमा लगाने का प्रस्ताव है। आइडिया-वोडाफोन महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, हरियाणा और उत्तर प्रदेश (पूर्व) में इस सीमा को पार कर रही थी। जबकि देश के कुल मोबाइल बाजार में इन बाजारों की हिस्सेदारी करीब 32 फीसदी है और वहां एकीकृत कंपनी अग्रणी स्थिति में है।

डॉयचे बैंक ने कहा है, 'अपने सभी स्पेक्ट्रम को बरकरा रख पाने से एकीकृत कंपनी को बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिहाज से भी बेहतर स्थिति में होगी।' एक आकलन के अनुसार, एयरटेल के पास कुल 2200 मेगाहट्ïर्ज स्पेक्ट्रम है जबकि आइडिया-वोडाफोन के पास 1860 मेगाहट्ïर्ज और आरकॉम सहित रिलायंस जियो के पास 1650 मेगाहट्ïर्ज स्पेक्ट्रम उपलब्ध है।

 

 

 

मॉर्गन स्टैनली ने कहा है कि स्पेक्ट्रम भुगतान की अवधि को बढ़ाए जाने से निकट भविष्य में दूरसंचार ऑपरेटरों को नकदी प्रवाह में मदद मिलेगी। उसने कहा है, 'एयरटेल के सालाना स्पेक्ट्रम भुगतान घटकर 14 से 17 अरब रुपये रह जाएगा।' पिछली तीन नीलामी के दौरान सरकार ने स्पेक्ट्रम के लिए एकमुश्त रकम के भुगतान के साथ शेष रकम के लिए दो वर्षों के स्थगत के साथ 10 वार्षिक किस्तों में भुगतान की अनुमति दी थी। लेकिन नई नीति के तहत किस्त भुगतान की अवधि को बढ़ाकर 16 वर्ष कर दिया गया है।

 

 

गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि स्पेक्ट्रम के लिए किस्त भुगतान की सीमा बढ़ाए जाने से सुदृढीकरण को बढ़ावा मिलेगा और इससे सबसे अधिक मदद आइडिया और संभवत: जियो को होगा।
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