तेल खपत में भारत व चीन होंगे अहम

शाइन जैकब | नई दिल्ली Mar 08, 2018 11:06 PM IST

इंटरनैशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) के मुताबिक अगले 5 साल में तेल की वैश्विक मांग में बढ़ोतरी में भारत और चीन की हिस्सेदारी करीब 50 प्रतिशत होगी। आईईए ने 2018 के लिए तेल क्षेत्र की रिपोर्ट में यह कहा है। 

 

आईईए के मुताबिक 2023 तक मांग 12 लाख बैरल प्रतिदिन की सालाना दर से बढऩे की उममीद है। इसके मुताबिक तेल की मांग तब तक 10.47 करोड़ बैरल रोजाना हो जाएगी, जो 2018 की तुलना मेंं 6.9 एमबीडी ज्यादा है। रिपोर्ट में कहा गया है, 'चीन की अर्थव्यवस्था ज्यादा ग्राहक केंद्रित है, ऐसे में तेल की मांग की वृद्धि दर 2010-17 की वृद्धि की तुलना में  2023 तक कम होगी। 

इसके विपरीत भारत में तेल की मांग में वृद्धि होगी।' रिपोर्ट में कहा गया है कि तेल की मांग में बहुत तेजी नहीं है ऐसे में वृद्धि 2018 तक 14 लाख बैरल प्रतिदिन बढ़ोतरी के बाद 2023 तक 10 लाख बैरल प्रतिदिन घटेगी। रिपोर्ट के मुताबिक विभिन्न देशों में वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल बढऩे की उम्मीद है। चीन इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां ईंधन कुशलता और उत्सर्जन नियम ज्यादा कड़े हैं क्योंकि वहां शहरों की हवा की गुणवत्ता में सुधार की सख्त जरूरत है।  

इसमें कहा गया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ रही है और प्राकृतिक गैस से चलने वाले वाहनों की संख्या में भी तेज बढ़ोतरी हो रही है। खासकर प्राकृतिक गैस से चलने वाले ट्रकों व बसों के बेड़े बढ़े हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इलेक्ट्रिक बसों व एलएनजी ईंधन वाले ट्रकों की संख्या चीन में बढ़ी है, जिससे तेल की मांग सुस्त हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कीमतों में उतार चढ़ाव के कारण 2023 तक तेल का बाजार सुस्त हो सकता है। 2020 तक गैर ओपेक देशों में रिकॉर्ड आपूर्ति होगी। अगर निवेश अपर्याप्त रहता है तो 2023 तक मांग सुस्त हो जाएगी। 
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