महाबजट में किसानों का खास ध्यान

सुशील मिश्र | मुंबई Mar 09, 2018 10:02 PM IST

महाराष्ट्र सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 के बजट में किसानों और अधोसंरचना पर विशेष जोर दिया है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद महाराष्ट्र का पहला बजट आज वित्त वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने पेश किया, जिसमें 15,375 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया गया। बजट में किसानों को सस्ता कर्ज देने की भी घोषणा हुई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सरकार के कार्यकाल का यह चौथा बजट था। अगले साल होने वाले चुनावों को देखते हुए राज्य सरकार ने सबका साथ 'सबका विकास' के तहत बजट में सबको खुश करने की कोशिश की है। 
मुनगंटीवार ने कहा कि पिछले बजट में 2,43,738 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्ति का अनुमान लगाया गया था और संग्रह इससे अधिक हुआ। हालांकि उन्होंने कहा कि अधिक व्यय और जीएसटी के कारण प्रत्यक्ष कर वसूली में करीब 14 हजार करोड़ रुपये की कमी दर्ज हुई। वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 2,85,968 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह का अनुमान है। मुनगंटीवार ने इसे किसानों का बजट बताया। राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र में अलग-अलग योजनाओं के लिए 25 हजार करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की। बजट में किसानों के लिए फसल बीमा, रियायती दर पर कर्ज और सिंचाई सुविधा दिए जाने की भी बात कही गई है। 

खेतों में सिंचाई के लगे पंपों को पर्याप्त बिजली देने के लिए बजट में 750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री सिंचाई योजना से जुड़ी परियोजनाओं के लिए 3,115.21 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। राज्य में पानी की समस्या पर भी ध्यान दिया गया है। महाराष्ट्र में पानी बचाने के लिए जलयुक्त शिविर योजना और मजबूत करने के लिए 1,500 करोड़ आवंटित किए जाएंगे। बजट में सिंचाई विभाग के लिए 8,233 करोड़ रुपये की राशि का प्रावाधान किया गया है। ड्रिप सिंचाई के लिए 432 करोड़ रुपये और कुओं के लिए 132 करोड़ रुपये दिए गए हैं। 

बजट में ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) खोले जाने की भी बात कही गई है। यह एक पोर्टल होगा, जिससे देशभर की मंडियां जोड़ी जाएंगी। इसमें महाराष्ट्र की मंडियां भी जोड़ी जाएंगी। फिलहाल राज्य की 30 मंडियों में ई ट्रेडिंग की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। राज्य की 145 कृषि बाजार समितियों को ई नाम पोर्टल से जोडऩे की योजना तैयार की गई है। किसानों को उपज रखने के गोदाम और कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था और ई रसीद की सुविधा शुरू की गई है। 

राज्य की 116 कृषि समितियों में यह योजना शुरु की गई है। गोदाम या कृषि समितियों के विकास या निर्माण के लिए सरकार महज 6 फीसदी में कर्ज मुहैया कराएगी। बजट में शिवाजी स्मारक के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य भर के शहरों के कूड़ा करकट की सफाई के लिए 1526 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण क्षेत्र में नई सीवर ट्रीटमेंट योजना के लिए 335 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं। सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए 10,828 करोड़ रुपये दिये गए।
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