2017-18 में 4,820.10 करोड़ रुपये अधिक व्यय

भाषा | पटना Mar 09, 2018 10:09 PM IST

बिहार के योजना एवं विकास मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने आज बताया कि वित्त वर्ष 2016-17 की तुलना में वर्ष 2017-18 में 4,820.10 करोड़ रुपये अधिक खर्च हुए। बिहार विधानसभा में राजद विधायक ललित कुमार यादव द्वारा पूछे गए एक तारांकित प्रश्न का उत्तर देते हुए ललन ने बताया कि वित्त वर्ष 2017-18 में राज्य योजना के मद का मूल उद्व्यय 8,0891.61 करोड़ रुपये तथा पुर्नीक्षित उद्व्यय 87362.60 करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2017-18 में 15 नवंबर 2017 तक मूल उद्व्यय 80891.61 करोड़ रुपये के मुकाबले 30,500.49 करोड़ रुपये है। 

 

ललन ने बताया कि गत वर्ष 15 नवंबर तक निर्धारित उद्व्यय के मुकाबले पथ निर्माण विभाग द्वारा 55.23 प्रतिशत और ग्रामीण कार्य द्वारा 39.35 प्रतिशत राशि व्यय की गई। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2017-18 के प्रथम सात में चार महीने राज्य बाढ़ की विभीषिका से प्रभावित रहा, जिसके फलस्वरूप इस अवधि में विकास और राज्य के कल्याण से संबंधित योजनाओं के लिए प्रावधानित राशि व्यय नहीं हो पाई।

उन्होंने कहा कि 8 मार्च 2018 तक मूल उदव्यय के मुकाबले 60.16 प्रतिशत तथा संशोधित उद्व्यय के मुकाबले 55.70 प्रतिशत राशि खर्च की जा चुकी है। ललन ने बताया कि यह पिछले साल की तुलना में 4,820.10 करोड़ रुपये अधिक खर्च हुए हैं। 

उन्होंने बताया कि मूल राशि खर्च होने जो कठिनाई आई है, वह केंद्र प्रायोजित योजनाओं से प्राप्त होने वाले केंद्र के हिस्से से मिला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की 3,1654.68 करोड़ रुपये मांग के मुकाबले 13503.20 करोड़ रुपये प्राप्त हुआ। 

ललन ने बताया कि केंद्र प्रायोजित योजना की लंबित यह राशि 18 विभागों से जुड़े हुए हैं। केंद्र से जैसे जैसे राशि प्राप्त होती जाएगी, उसमें मैचिंग ग्रांट जोड़कर उक्त राशि खर्च की जा रही है।
कीवर्ड बिहार, योजना एवं विकास मंत्री, राजीव रंजन सिंह, ललन सिंह,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक