मप्र विधानसभा में सरकार और विपक्ष में नोक-झोंक

भाषा | भोपाल Mar 09, 2018 10:11 PM IST

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पिछले चार साल में मीडिया विज्ञापन एवं प्रचार-प्रसार में 640 करोड़ रुपये से अधिक की राशि कथित रूप से खर्च करने को लेकर आज विधानसभा में सत्तारूढ़ भाजपा एवं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। 

 

हंगामा उस वक्त शुरू हुआ, जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बेटे एवं राघौगढ़ निर्वाचन क्षेत्र के कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने पिछले चार वर्षों में सरकार द्वारा मीडिया विज्ञापन एवं प्रचार-प्रसार पर खर्च किए गए 640 करोड़ रुपये की राशि पर सरकार को घेरते हुए इसका विस्तृत ब्योरा सदन के समक्ष रखने की मांग की। इसमें से 140 करोड़ रुपये मध्य प्रदेश के बाहर की संस्थाओं को भी दिया गया था। जयवर्धन ने विशेष रूप से इस बात के लिए दबाव बनाया कि सरकार यह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा राज्य की जीवनदायिनी नदी के संरक्षण के लिए निकाली गई नर्मदा सेवा यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस यात्रा के प्रचार-प्रसार पर सरकार ने 21 करोड़ रुपये खर्च कर दिए, जबकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने वाली भावांतर योजना के प्रचार-प्रसार पर मात्र चार करोड़ रुपये खर्च किए।

इस पर राज्य के संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसके जवाब में कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा जनता की भलाई में चलाया गया एक अभियान है और इसे सरकार जनता के सहयोग से चला रही है। मिश्रा ने कहा कि इसी तरह से भावांतर योजना के प्रचार-प्रसार पर किया गया खर्च इसलिए ज्यादा नहीं था, क्योंकि इसे हाल ही में लागू किया गया है। उन्होंने कहा, 'मैं प्रचार-प्रसार में किए गए खर्च का विस्तृत ब्योरा नहीं दे सकता क्योंकि इसके कागजातों की संख्या बहुत ज्यादा है और मैं इसे उठाकर सदन में नहीं ला सकता।'  मिश्रा ने कहा, 'मैं किसी भी प्रचार-प्रसार में किए गए खर्च की जांच करवाने के लिए तैयार हूं, लेकिन विधायक स्पष्ट रूप से बताए कि वह किस पर जांच कराना चाहते हैं।' 
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