पंजाब में नई आबकारी नीति की घोषणा

बीएस संवाददाता | जालंधर Mar 13, 2018 10:21 PM IST

पंजाब मंत्रिमंडल ने नई आबकारी नीति की घोषणा की है। नई नीति का मकसद शराब कारोबार में मनमाना रवैया समाप्त करना और अल्कोहल के दाम नियंत्रण में रखना है। नई नीति के तहत समूह आकार 50 करोड़ रुपये से घटाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस तरह, समूहों की संख्या मौजूदा 84 से बढ़कर अगले वित्त वर्ष 700 हो जाएगी।  प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनाने के लिए आवंटन लॉटरी के जरिये किया जाएगा। 

 

राज्य सरकार ने विभिन्न संबंधित पक्षों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करने के बाद नई आबकारी नीति तैयार की है। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में वित्त वर्ष 2018-19 के लिए नई आबकारी नीति पर मुहर लगी। 

राज्य सरकार के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि शराब कारोबार से अगले वित्त वर्ष पंजाब सरकार को 6,000 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्ति की उम्मीद है। चालू वित्त वर्ष में राज्य के आबकारी विभाग को 5,150 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्ति की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2016-17 में इस मद में 4,400 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्ति हुई थी। मुख्यमंत्री ने आबकारी विभाग को नई नीति कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए हैं। 

राज्य सरकार किसी भी कीमत पर अगले वित्त वर्ष के राजस्व का लक्ष्य नहीं चूकना चाहती है। राज्य सरकार ने शराब दुकानों की संख्या में भी कमी करने का फैसला किया है। इनकी संख्या मौजूदा 5,850 से घटाकर 5,700 किया जाएगा। लाइसेंस का वितरण न्यूनतम गारंटी प्राप्त राजस्व के आधार पर किया जाएगा। 
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