किसान मुद्दे पर घिरी महाराष्ट्र सरकार

सुशील मिश्र | मुंबई Mar 13, 2018 10:23 PM IST

महाराष्ट्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से लिखित आश्वासन मिलने के बाद रविवार को किसानों का आंदोलन खत्म हो गया था। आनन फानन में किसानों को विशेष रेल और सरकारी बसों से मुंबई के बाहर भेज दिया गया। लेकिन इन कवायदों के बाद भी किसानों का मुद्दा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। 

 

विधानसभा में आज भी किसानों का ही मुद्दा छाया रहा। विपक्ष सरकार पर झूठे वादे करके किसानों को ठगने का आरोप लगा रही है, जबकि सरकार का दावा है कि उसने किसानों के लिए सबसे ज्यादा काम किया है। सरकार में शामिल शिव सेना ने इसे किसानों की ओर से सरकार को मिला अंतिम अवसर बताया है।

फडणवीस ने आज विधानसभा में कहा कि उन्होंने किसानों की ज्यादातर मांगें मान ली हैं। इसके लिए एक समिति गठित की जा रही है, जिसमें सभी दलों के लोग शामिल होंगे। बैंकों ने 46.52 लाख किसानों के खातों को सही माना है जिनमें से 35.51 लाख किसानों के खातों में रकम जमा कर दी गई है। ये वे किसान हैं, जिन्होंने 2001 से 2009 के बीच कर्ज लिया था।

फडणवीस ने कहा कि कृषि उपयोग में लाई जाने वाली वनभूमि आदिवासियों और किसानों को सौंपने के लिए वह समिति बनाने पर सहमत हो गए हैं, जो 6 महीने में रिपोर्ट देगी। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग भी स्वीकार की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने इस पर कुछ नहीं किया, जिस वजह से किसानों को परेशानी हो रही है।

दूसरी ओर विपक्ष दलों ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। पिछले साल किसानों से जो वादा किया गया था वह पूरा कर दिया जाता तो उन्हें पैदल यात्रा नहीं निकालनी पड़ती। सरकार दावा कर रही है कि हमने कर्ज माफ कर दिया जबकि किसानों को फायदा ही नहीं मिला।
कीवर्ड महाराष्ट्र, मुख्यमंत्री, देवेंद्र फडणवीस,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक