फरवरी में भी घट गया जीएसटी संग्रह

इंदिवजल धस्माना | नई दिल्ली Mar 27, 2018 09:45 PM IST

जीएसटी संग्रह में गिरावट जारी

फरवरी में दिनों की संख्या कम होने से भी आई है जीएसटी संग्रह में गिरावट
फरवरी के लिए सिर्फ 69 फीसदी से अधिक करदाताओं ने रिटर्न फाइल किया
नवंबर में भी जीएसटी के तहत कर राजस्व घटकर 837.2 अरब रुपये रह गया था
ई-वे बिल की पेशकश से आने वाले महीनों में जीएसटी संग्रह में सुधार आने का अनुमान

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत संग्रह में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। जीएसटी संग्रहण फरवरी में घटकर 851.7 अरब रुपये रह गया जो जनवरी में 863.2 अरब रुपये था। इस बार इस कर संग्रह में गिरावट की वजह कर भुगतान के लिए आईजीएसटी क्रेडिट के इस्तेमाल के साथ साथ फरवरी में दिनों की संख्या कम होना भी मानी जा सकती है।  कर राजस्व न सिर्फ जनवरी की तुलना में कम रहा बल्कि यह अब तक इसमें दूसरी सबसे बड़ी गिरावट भी है। इसका निचला स्तर नवंबर में 837.2 अरब रुपये दर्ज किया गया था। यह संग्रहण जीएसटी के क्रियान्वयन के वक्त निर्धारित किए गए 910 अरब रुपये के लक्ष्य से भी कम है। कुल मिलाकर जीएसटी से फरवरी तक 7.1 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। 

दरअसल, बजट में जीएसटी के संशोधित अनुमान में संग्रहण को घटा दिया गया था। इसमें जीएसटी पेशकश के पहले 9 महीनों के लिए एजीएसटी के लिए 4.4 लाख करोड़ रुपये का अनुमान व्यक्त किया गया। डेलॉयट इंडिया के पार्टनर एम एस मणि ने कहा, 'ऐसा लगता है कि जीएसटी संग्रहण अब मजबूती के चरण में प्रवेश कर रहा है, हालांकि अपेक्षित राजस्व जुटाने में अधिक समय लग सकता है।'

खेतान ऐंड कंपनी के पार्टनर अभिषेक ए रस्तोगी का कहना है कि यह ध्यान दिए जाने की जरूरत है कि मार्च के महीने में अभी भी कुछ दिन बचे हैं और करदाताओं को अग्रिम कर तथा टीडीएस के तौर पर प्रत्यक्ष कर भुगतान के बोझ का भी सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, 'विलंब से जीएसटी भुगतान की स्थिति की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।'

फरवरी के लिए सिर्फ 69 प्रतिशत से अधिक करदाताओं ने रिटर्न फाइल किया है, जो जनवरी के आंकड़े के लगभग समान ही है। टैक्समैन के डीजीएम (जीएसटी) विशाल रहेजा ने कहा, 'यह ध्यान देने की बात है कि अनुपालन में सुधार आया है और 69 प्रतिशत से अधिक करदाताओं ने फरवरी के लिए रिटर्न फाइल किया है।' विश्लेषकों का यह भी कहना है कि अनुपालन यानी रिटर्न भरने की दर में ई-वे बिल के लागू होने से अप्रैल से और अधिक सुधार आएगा। रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, 'ई-वे बिल की पेशकश से आने वाले महीनों में जीएसटी संग्रहण में सुधार आने का अनुमान है।'

मुनाफाखोरी शिकायत फॉर्म को किया सरल

वित्त मंत्रालय ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था में किसी इकाई मुनाफाखोरी के बारे में शिकायत करने से संबंधित फॉर्म को सरल कर दिया है। इस शिकायत फॉर्म में कॉलम की संख्या घटा दी गई है। इस सरलीकृत एक पृष्ठ के फॉर्म में कॉलम की संख्या घटाकर 16 कर दी गई है। इनमें से 12 को भरना अनिवार्य होगा।  पहले का शिकायत फॉर्म भी एक पृष्ठ का था, लेकिन इसमें कॉलम की संख्या 44 थी। इनमें से आधे कॉलम को भरना अनिवार्य था। इस नए फॉर्म में आवेदक को अपना नाम पता, संपर्क और पहचान का प्रमाण देना होगा। इसके अलावा आपूर्तिकर्ता का नाम और पता भी देना होगा।
कीवर्ड GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,

  
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