पिछले माह की तुलना में प्रमुख क्षेत्रों की रफ्तार सुस्त

शुभायन चक्रवर्ती | नई दिल्ली Apr 02, 2018 09:40 PM IST

देश के प्रमुख 8 क्षेत्रों की वृद्धि दर फरवरी में 5.3 प्रतिशत रही, जो जनवरी के 6.1 प्रतिशत की तुलना में कम है। कुल औद्योगिक उत्पादन में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले प्रमुख क्षेत्रों की वृद्धि दर को सीमेंंट उत्पादन में बढ़ोतरी बरकरार रहने से बल मिला, जिसमें करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं अन्य क्षेत्रों की रफ्तार सुस्त रही और 4 क्षेत्रों का प्रदर्शन पिछले महीने की तुलना में बेहद लचर रहा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक 8 क्षेत्रों- कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली क्षेत्र की वृद्धि दर वित्त वर्ष के शुरुआती 10 महीनों (अप्रैल से जनवरी 2017-18) में 4.3 प्रतिशत रही। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में हुई 4.7 प्रतिशत वृद्धि दर की तुलना में कम है। सभी क्षेत्रों में सीमेंट का उत्पादन लगातार चौथे महीने में भी तेज रहा। फरवरी में वृद्धि दर 22.9 प्रतिशत रही, जो नवंबर 2017 के 16.9 प्रतिशत से ज्यादा है। इंडिया रेटिंग्स ऐंड रिसर्च के मुख्य अर्थशास्त्री देवेंद्र कुमार पंत ने कहा, 'फरवरी 2018 में सीमेंट और रिफाइनरी उत्पादों से प्रमुख क्षेत्र की वृद्धि को गति मिली। सीमेंट और स्टील क्षेत्र की तेजी से संकेत मिलते हैं कि निर्माण गतिविधियां रफ्तार पकड़ रही हैं और यह बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए सकारात्मक है।'  
 
निर्माण क्षेत्र  के एक प्रमुख स्तंभ स्टील क्षेत्र में भी उत्पादन 5 प्रतिशत बढ़ा है, जो पिछले महीने की 1.7 प्रतिशत वृद्धि दर से ज्यादा है। इससे रियल्टी और बुनियादी ढांचा क्षेत्र मेंं वृद्धि बहाल होने के संकेत मिलते हैं। बेहतर घरेलू मांग और अंतरराष्ट्रीय व घरेलू बाजार में उचित दाम की वजह से घरेलू स्टील उत्पादन मेंं निकट भविष्य में तेजी आ सकती है। हालांकि वैश्विक कारोबारी जंग का असर निर्यात और आयात पर पड़ सकता है। 
कीवर्ड OIL, GAS, OAL,

  
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