रसोई गैस सब्सिडी से बढ़ेगी चिंता

शाइन जैकब | नई दिल्ली Apr 02, 2018 09:41 PM IST

कच्चे तेल के दाम का दिखने लगा असर

पिछले 10 महीने में कच्चे तेल के दाम में हुई है 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी
अप्रैल में 52.49 डॉलर प्रति बैरल था जो मार्च में 63.80 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया

पेट्रोल और डीजल के दाम ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच चुके हैं। ऐसे में रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतें सरकार और तेल विपणन कंपनियों के लिए चिंता का विषय हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि 2018-19 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम बढऩे के साथ सरकारी खजाने पर बुरा असर पड़ेगा और रसोई गैस सब्सिडी बजट में आवंटित 217 अरब रुपये से 110 अरब रुपये बढ़ सकती है। उत्पाद के दाम को वैश्विक सूचकांकों के मुताबिक बनाया गया है, ऐसे में तेल विपणन कंपनियों ने गैर सब्सिडी वाले गैस सिलिंडर के दाम 1 मार्च से 653.50 रुपये से 35.50 रुपये बढ़ाकर 689 रुपये प्रति सिलिंडर कर दिया है।

बहरहाल उन्होंने सब्सिडी वाले सिलिंडर के दाम में 1.74 रुपये प्रति सिलिंडर की कटौती की है और दिल्ली में इसके दाम 491.35 रुपये हो गए हैं, जो पहले 493.09 रुपये प्रति सिलिंडर थे। 2017-18 के पहले 9 महीने में रसोई गैस की सब्सिडी 141.72 अरब रुपये रही, जो 2016-17 में पूरे वित्त वर्ष में 121.33 अरब रुपये थी। पिछले 1 साल में उपभोक्ताओं के सब्सिडी युक्त सिलिंडर के दाम में 50.45 रुपये प्रति सिलिंडर की बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल 2017 में एक सिलिंडर का दाम 440.90 रुपये था, जो अब बढ़कर 491.35 रुपये हो गया है। बहरहाल इसी अवधि के दौरान गैर सब्सिडी वाले सिलिंडरोंं के दाम मेंं 69.5 रुपये प्रति सिलिंडर की कमी आई है।

मार्च 2018 में सरकार प्रति सिलिंडर 195.91 रुपये सब्सिडी दे रही थी। सालाना 10 लाख रुपये से कम आमदनी वाले परिवार को एक साल में सब्सिडी वाले 12 सिलिंडर मिलते हैं। पिछले 10 महीने में कच्चे तेल के दाम में 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और इसके दाम अप्रैल के 52.49 डॉलर प्रति बैरल की तुलना में मार्च मेंं 63.80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए हैं। 

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज कहा, 'हमारे दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़े हुए हैं. ऐसे में हाल के दिनों में वैश्विक दाम में हुई बढ़ोतरी का असर पेट्रोल व डीजल और रसोई गैस के दाम पर पड़ा है। इसलिए हम चाहते हैं कि जीएसटी परिषद इन उत्पादों को वस्तु एवं सेवा कर के दायरे में ले आए, जिससे देश भर में इसकी कीमतें एकसमान हो सकें।' केंद्र सरकार ने जहां कीमतें कम रहने पर पेट्रोल व डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ा दिया था, वहीं अक्टूबर 2017 में सरकार ने शुल्क में सिर्फ 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। प्रधान ने कहा कि इसमेंं किसी कटौती पर विचार नहीं किया जा रहा है, राज्यों को अपनी वैट दरों पर विचार करना चाहिए।

मुंबई में पेट्रोल के दाम 81 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गए हैं, जबकि दिल्ली में यह 4 साल के उच्चतम स्तर पर है। पेट्रोल के दाम दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में आज क्रमश: 73.83 रुपये, 76.54 रुपये, 81.69 रुपये और 76.59 रुपये प्रति लीटर रहे। बहरहाल डीजल की कीमतेंं दिल्ली में बढ़कर 64.69 रुपये प्रति लीटर, कोलकाता में 67.38, मुंबई में 68.89 रुपये प्रति लीटर और चेन्नई में 68.24 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई हैं। इक्रा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रविचंद्रन ने कहा, 'कीमतों में बढ़ोतरी का असर रसोई गैस सब्सिडी पर पडऩे जा रहा है और यह 2018-19 में सरकार के 217 अरब रुपये अनुमान से ज्यादा हो सकता है। औसत वैश्विक दाम 65 डॉलर प्रति बैरल हैं, ऐसे में सब्सिडी का बोझ 330 अरब रुपये के करीब रह सकती है। अगर सरकार इसका बोझ वहन करने को तैयार नहीं है तो अतिरिक्त सब्सिडी का बोझ कंपनियों पर डाला जा सकता है।'
कीवर्ड LPG, gas, subsidy,

  
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