जीएसटी संग्रह लक्ष्य से 10,000 करोड़ रुपये कम

ईशान बख्शी | नई दिल्ली Apr 03, 2018 09:34 PM IST

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से कर संग्रह नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था लागू होने के बाद पहले 8 महीनों के दौरान लक्ष्य की तुलना में 10,000 करोड़ रुपये कम रहा है। अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर और जनवरी महीने में जीएसटी संग्रह में गिरावट की वजह से यह कमी आई है।  सरकार ने 8 महीने के लिए 7.28 लाख करोड़ रुपये कर संग्रह का लक्ष्य रखा था, जबकि 7.18 लाख करोड़ रुपये कर प्राप्त हुआ है। मासिक कर वसूली औसतन 91,000 करोड़ रुपये रही। बजट में 2017-18 के दौरान अप्रत्यक्ष कर राजस्व संग्रह में 14 प्रतिशत वसूली का अनुमान लगाया गया था। क्रेडिट सुइस के अनुमान के मुताबिक जीएसटी के तहत केंद्र सरकार को 4.6 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे। यह 2017-18 के पुनरीक्षित अनुमान के 4.44 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य की तुलना में 3.3 प्रतिशत ज्यादा है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि राज्यों को जीएसटी से 2.6 लाख करोड़ रुपये मिलने की संभावना है। 
 
बहरहाल अगर उपलब्ध ब्रेकप के ब्योरे से अनंतिम आंकड़े लिए जाएं तो जीएसटी संग्रह 6.97 लाख करोड़ रुपये रहेगा। अनंतिम आंकड़ों में बाद में बढ़ोतरी हो सकती है।  जीएसटी के अनंतिम आंकड़ों से पता चलता है कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) से मार्च तक 1.66 लाख करोड़ रुपये प्राप्त किया है। वहींं राज्यों को 1.66 लाख करोड़ रुपये मिले हैं। एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) के तहत संग्रह 3.52 लाख करोड़ रुपये हो सकता है, वहीं मुआवजा उपकर के माध्यम से 62,700 करोड़ रुपये आ सकते हैं। बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत में अर्थशास्त्रियों ने कहा कि कुल आईजीएसटी संग्रह मार्च तक 71स500 करोड़ रुपये हो सकता है, जबकि राज्यों को 1 लाख करोड़ रुपये मिल सकते हैं। इसका मतलब यह हुआ कि बगैर इस्तेमाल किया हुआ आईजीएसटी 1.8 लाख करोड़ रुपये के करीब हो सकता है।
कीवर्ड GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,

  
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