अधिकृत आभासी मुद्रा पर अध्ययन के लिए समूह

भाषा |  Apr 05, 2018 11:04 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक ने बिटकॉइन जैसी निजी आभासी मुद्राओं के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए नियमों को आज कड़ा कर दिया। साथ ही उसने देश में अधिकृत डिजिटल मुद्रा पेश करने की संभावना के बारे में अध्ययन कराने के लिए एक समूह गठित करने की भी घोषणा की जिसे केंद्रीय बैंक जारी कर सकता है। यह समूह तीन महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। 

रिजर्व बैंक ने कहा कि डिजिटल मुद्रा पेश करने की वांछनीयता और व्यवहारिकता का अध्ययन करने तथा उसके बारे में कुछ दिशानिर्देश सुझाने के लिए एक अंतर-विभागीय समूह का गठन किया गया है। समूह जून तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। 


द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद डिप्टी गर्वनर बीपी कानूनगो ने कहा, कई केंद्रीय बैंक अधिकृत डिजिटल मुद्रा पेश करने की संभावना पर चर्चा कर रहे हैं। निजी डिजिटल टोकन(करेंसी) के विपरीत अधिकृत डिजिलटल मुद्राएं केंद्रीय बैंक जारी कर सकते हैं। इसमें केंद्रीय बैंक की जवाबदेही होगी और यह मौजूदगा कागजी मुद्रा के अलावा होगी। उन्होंने कहा कि हमने आरबीआई के अंतर्गत आने वाली इकाइयों के मामले में आभासी मुद्राओं से निपटने के जोखिम को लेकर शिकंजा कसा है। इन इकाइयों को उन लोगों या कंपनियों के साथ कारोबारी संबंधों को तत्काल रोकने की जरूरत है जो आभासी मुद्रा में काम कर ती हैं। उन्हें तीन महीने के भीतर मौजूदा संबंधों को खत्म करना होगा।
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