ट्राई ने सार्वजनिक वाई-फाई ग्रिड का विचार रखा

भाषा | नई दिल्ली Apr 05, 2018 11:25 PM IST

दूरसंचार नियामक ट्राई ने सार्वजनिक वाईफाई ग्रिड का एक महत्त्वपूर्ण मॉडल आज रखा जिसका उद्देश्य इंटरनेट संपर्क की लागत में 90 प्रतिशत तक कमी लाना तथा देश में ब्राडबैंड के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना है। विशेषकर ग्रामीण इलाकों में ब्राडबैंड की पहुंच उपलब्ध कराने में भारत अन्य देशों से काफी पीछे है। इसे रेखांकित करते हुए ट्राई ने वाई फाई सेवा प्रावधान के लिए नई छोटी कंपनियों को बढ़ावा देने की जरूरत रेखांकित की है। 

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकार (ट्राई) ने जिस ग्रिड का प्रस्ताव रखा है उसमें कई कंपनियों के एक ही प्लेटफार्म पर साथ आकर पहुंच, सेवा व भुगतान जैसे पहलुओं का समाधान करना है। ट्राई के चेयरमैन आर एस शर्मा ने संवाददाताओं से कहा, 'देश में ब्राडबैंड की पहुंच डिजिटल इंडिया का महत्वपूर्ण स्तंभ है। उपकरणों की कम लागत व नि: शुल्क स्पेक्ट्रम को देखते हुए वाई फाई सबसे सस्ता विकल्प है।'  ट्राई ने पुराने दिनों के पीसीओ की तर्ज पर पीडीओ पब्लिक डेटा आफिस प्रोवाइडर का प्रस्ताव रखा है जो कि पैसा लेकर या नि: शुल्क वाई फाई हाटस्पाट उपलब्ध करवाएंगे। ये पीडीओ कोई कंपनी या छोटा कारोबार भी हो सकता है। 

ट्राई के प्रमुख ने सार्वजनिक वाई फाई मुक्त प्रायोगिक परियोजना पर अपनी रिपोर्ट दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा को पेश की। इसमें नियामक ने पहले चरण की सफलता को रेखांकित किया है।
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