आईआईपी 7.1 प्रतिशत बढ़ा, खुदरा महंगाई घटी

ईशान बख्शी | नई दिल्ली Apr 12, 2018 09:46 PM IST

अर्थव्यवस्था का व्यापक आर्थिक परिदृश्य अब बेहतर नजर आ रहा है। औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि बेहतर बनी हुई है। वहीं खुदरा महंगाई दर नीचे आई है, जो आगे कुछ बढ़ सकती है।  बहरहाल कुछ नकारात्मक पहलू भी हैं। फरवरी महीने में खनन सुस्त रहा है और मार्च में प्रमुख क्षेत्रों में महंगाई दर बढ़ी है।  फरवरी में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में 7.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि जनवरी मेंं वृद्धि 7.4 प्रतिशत थी। विनिर्माण गतिविधियां तेज रहने से आईआईपी में मजबूती आई है। यह लगातार चौथा महीना है जब आईआईपी 7 प्रतिशत से ऊपर रहा है। वहींं उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में मार्च महीने में 4.28 प्रतिशत हो गया है, जो फरवरी में 4.44 प्रतिशत था। खाद्य महंगाई दर कम होने से ऐसा हुआ है। 
 
इससे वित्त वर्ष 2018 की चौथी तिमाही में सकल मूल्यवर्धन में वृद्धि उम्मीद से बेहतर रहने की संभावना है।  इक्रा में मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नैयर ने कहा, 'जनवरी-फरवरी 2018 में आईआईपी वृद्धि 7 प्रतिशत से ज्यादा रहीहै, इसलिए वित्त वर्ष 2018 की चौथी तिमाही में जीवीए वृद्धि बेहतर रहने की उम्मीद है।'  आईआईपी में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर फरवरी में 8.7 प्रतिशत रही है, जो जनवरी की 8.6 प्रतिशत वृद्धि की तुलना में थोड़ी ज्यादा है। 23 औद्योगिक समूहों में से 15 में सकारात्मक वृद्धि हुई है। 
 
अन्य परिवहन उपकरणोंं में सबसे ज्यादा 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद मशीनरी व उपकरणों में वृद्धि दर 19.9 प्रतिशत रही।  बहरहाल खनन में वृद्धि दर महज 0.3 प्रतिशत रही और बिजली उत्पादन फरवरी में 4.5 प्रतिशत बढ़ा, जिसमें जनवरी में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। पूंजीगत वस्तुओं की वृद्धि दर फरवरी में 20 प्रतिशत रही, जो जनवरी के 12.8 प्रतिशत से ज्यादा है। 
कीवर्ड IIP, GDP,

  
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