विक्रेता रिटर्न दाखिले की अवधि घटी

इंदिवजल धस्माना | नई दिल्ली Apr 18, 2018 09:48 PM IST

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के तहत सरकार ने अप्रैल, मई और जून के लिए विक्रेता फॉर्म  जीएसटीआर-1 दाखिल करने की अंतिम तिथि का समय पहले के महीनों की तुलना में कम कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से उद्योगों पर बोझ बढ़ेगा।  अब अप्रैल महीने के लिए जीएसटीआर-1 फॉर्म 31 मई तक दाखिल करना होगा। इसके पहले इन रिटर्न को दाखिल करने के लिए 40 दिन का समय दिया जाता था, जिसके मुताबिक 10 जून तक दाखिल करने का वक्त रहता। अब अप्रैल महीने की समाप्ति के बाद जीएसटीआर-1 दाखिल करने के लिए सिर्फ 31 दिन समय मिलेगा।मई और जून महीने के लिए अंतिम तिथि को भी पहले लाया गया है। 
 
मई महीने के लिए रिटर्न 10 जून तक दाखिल करना होगा और जून महीने के लिए 10 जुलाई तक रिटर्न दाखिल करना होगा। इस तरह से महीना समाप्त होने के बाद सिर्फ 10 दिन का वक्त दिया गया है, जबकि इसके पहले 40 दिन का समय दिया जाता था।  ईवाई इंडिया में अप्रत्यक्ष कर के पार्टनर अभिषेक जैन ने कहा कि महीना समाप्त होने के बाद खाता बंद करने मेंं 4 से 5 दिन का समय लगता है। ऐसे में उद्योग के पास सिर्फ 5-6 दिन रिटर्न दाखिल करने के लिए बचेंगे।  बहरहाल सरकार ने जीएसटीआर 3बी दाखिल करने की अंतिम तिथि में कोई बदलाव नहीं किया है, जो इनपुट आउटपुट रिटर्न का सारांश होता है। इसे अभी भी अगले महीने की 20 तारीख तक दाखिल करने का प्रावधान है। 
 
इस बदलाव का मकसद 2 फॉर्मों- जीएसटीआर3बी और जीएसटीआर1 के बीच मिलान करने की अनुमति देना है।  मूल योजना के मुताबिक जीएसटी परिषद ने जीएसटीआर-1 फॉर्म दाखिल करने के लिए सिर्फ 10 दिन का वक्त दिया था, जिसके बाद खरीदारों का रिटर्न जीएसटीआर-2 अगले 5 दिन में स्वत: अंतिम रूप ले लेता। उस समय इनका इस्तेमाल जीएसटीआर-3 फॉर्म दाखिल करने के लिए करना था, जिससे क्रेडिट दावे किए जा सकें।  बहरहाल रिटर्न जटिल होने की शिकायत के बाद थोड़ा बदलाव किया गया। जहां जीएसटीआर-1 बहाल रखा गया, जीएसटीआर-2 और जीएसटीआर-3 फॉर्म निलंबित कर दिए गए। जीएसटीआर-3 की जगर पर जीएसटीआर3बी लाया गया, जिसका शुरुआती महीनों में इस्तेमाल होना था। 
 
इसके अलावा सरकार ने कददाता को माह समाप्त होने के बाद 40 दिन का वक्त जीएसटीआर-1 दाखिल करने के लिए दिया।  जैन ने कहा कि जीएसटीआर 2 खत्म कर दिया गया था, ऐसे मेंं कंपनियों को अपने वेंडरों के किसी गलत रिकॉर्डिंग को ठीक करने के लिए आखिर में वक्त मिलता था।  बहरहाल मसला यह है कि सरकार ने अंतिम तिथि में बदलाव क्यों किया, जबकि बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी की अध्यक्षता में मंत्रियों का समूह एक रिटर्न लाने की कोशिश कर रहा है।  जैन ने कहा कि एकल रिटर्न में अभी समय लगेगा, क्योंकि जीएसटी परिषद द्वारा इसे अंतिम रूप दिए जाने के बाद जीएसटीएन में संबंधित बदलाव करने के लिए पर्याप्त समय की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि एकल रिटर्न लाने को लेकर सरकार जल्दबाजी में नहीं है और सभी हिस्सेदारों के साथ बातचीत करने के बाद ही ऐसा किया जाएगा और उद्योग को इसके मुताबिक अनुकूलन करने के लिए पर्याप्त वक्त दिया जाएगा। 
कीवर्ड GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,

  
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