आरबीआई के रुख से मुद्रा, बॉन्ड में हलचल

अनूप रॉय | नई दिल्ली Apr 20, 2018 10:11 PM IST

10 वर्षीय बॉन्ड का प्रतिफल आज सुबह के कारोबार में 7.795 फीसदी पर पहुंच गया जो फरवरी का उच्च स्तर था। बॉन्ड बाजार में आई हालिया तेजी पहली छमाही में कर्ज उठाव के कम रहने की घोषणा के बाद आई है। रुपया डॉलर के मुकाबले 13 माह के निचले स्तर 66.11 पर पहुंच गया जबकि गुरुवार को यह 65.66 पर बंद हुआ था। 

मुद्रा डीलरों ने कहा कि विदेशी निवेशकों द्वारा बॉन्डों से निवेश निकाले जाने से रुपये पर दबाव बढ़ा है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने मौद्रिक नीति के सख्त होने के संकेत दिए हैं, जिससे भी बाजार में घबराहट बढ़ी है। मौद्रिक नीति की बैठक के ब्योरे में सतर्क रुख अपनाने के संकेत दिए गए हैं। 


आचार्य ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की जून में होने वाली अगली बैठक में सांमजस्य बिठाने के रुख से हटने पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने इसकी तीन वजहें बताई - आउटपुट अंतर को खत्म करना, अंतरराष्ट्री तेल कीमतों के अपेक्षाकृत उच्च स्तर पर रहना और खुदरा मुद्रास्फीति मध्यम अवधि के 4 फीसदी के लक्ष्य से ऊपर रहना।

मॉर्गन स्टैनली ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, 'एमपीसी का रुख उम्मीद से पहले दरें बढ़ाने का संकेत देता है।' नोमुरा ने कहा कि जिंसों की उच्च कीमतें और मौद्रिक नीति समिति के रुख से आगामी बैठक में दर बढ़ाए जाने की संभावना दिख रही है। नोमुरा ने कहा कि 10 वर्षीय बॉन्ड 7.60 फीसदी के स्तर से नीचे कारोबार कर सकता है। हालांकि तेल कीमतों में तेजी और आरबीआई के बयान से दर बढ़ाए जाने की गुंजाइश दिख रही है। आरबीआई के कार्यकारी निदेशक माइकल पात्रा पहले ही दर बढ़ाने की वकालत कर चुके हैं। अब आरबीआई के दो अन्य सदस्य भी दर बढ़ाने का संकेत दे रहे हैं और शुक्रवार को बॉन्ड प्र्रतिफल में भी इसकी झलक दिखी।

हालांकि बॉन्ड यील्ड में थोड़ी कमी आई और कारोबार की समाप्ति पर यह 7.66 फीसदी पर बंद हुआ। बॉन्ड डीलरों का कहना है कि राष्टï्रीयकृत बैंकों द्वारा खरीदारी बढ़ाए जाने से इसकी यील्ड में कमी आई। डॉनल्ड ट्रंप के तेल कीमतों पर नाखुशी व्यक्त करने से भी बॉन्ड यील्ड को थोड़ा सहारा मिला। क्रूड ऑयल तीन साल के उच्च स्तर 74 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।
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