शिक्षा ऋण के क्षेत्र में संभावनाएं तलाश रहीं एनबीएफसी

नम्रता आचार्य और अद्वैत राव पालेपू | कोलकाता/मुंबई Apr 20, 2018 11:01 PM IST

एक ओर जहां सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अपने शिक्षा ऋण में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) की उच्च वृद्घि से जूझ रहे हैं जिससे शिक्षा ऋण देने की उनकी रफ्तार कम हो गई है, वहीं गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) अपने शिक्षा ऋण की राशि को बढ़ा रही हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा ऋण देने वाली कई एकल कंपनियां आईं और उनमें से ज्यादातर नये उत्पादों के साथ प्रयोग भी कर रही हैं। इससे आगे बढ़ते हुए छात्र की संपूर्ण शैक्षणिक जांच पड़ताल वाली छात्र केंद्रित दृष्टिï को लेकर एनबीएफसी शिक्षा ऋण वितरण के नियमों को पुनर्परिभाषित कर रही हैं।  

भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के पता चलता है कि फरवरी 2018 तक कुल बकाया शिक्षा ऋण 705 अरब रुपये था जो कि फरवरी 2017 में 720 अरब रुपये रहा था। इस प्रकार इसमें 2 प्रतिशत की कमी हुई है। रेटिंग एजेंसी केयर की एक रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल 95 प्रतिशत शिक्षा ऋण का वितरण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा किया जाता है। संसद के मसौदे के मुताबिक मार्च 2017 तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शिक्षा ऋण में एनपीए 51.91 अरब रुपये था जो कि 677 अरब रुपये के बकाये शिक्षा ऋण का 7.67 प्रतिशत बैठता है। 

केयर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 'शिक्षा ऋण खंड में एनबीएफसी क्षेत्र का पोर्टफोलियो बैंकों के मुकाबले कम है। हालांकि इस खंड में विशिष्टï एनबीएफसी का उदय हुआ है। 31 मार्च, 2017 तक इस सेगमेंट में एनबीएफसी का कुल पोर्टफोलियो लगभग 5,000 करोड़ रुपये का था।'  दिसंबर 2017 के पहले के पांच वर्ष के दौरान एचडीएफसी क्रेडिला के शिक्षा ऋण का दायरा 40 फीसदी से अधिक के सीएजीआर के साथ बढ़ा है। एचडीएफसी के्रडिला के सीओ-संस्थापक और प्रबंध निदेशक अजय बोहोरा के मुताबिक इसका सकल एनपीए 0.1 प्रतिशत के न्यूनतम स्तर पर बना हुआ है। 

हाल ही में दीवान हाउसिंग फाइनैंस कारपोरेशन लिमिटेड (डीएचएफएल) की सहायक शिक्षा ऋण कंपनी एवांसे फाइनैंशियल सर्विसेज ने 1.08 अरब रुपये के शिक्षा ऋण का प्रतिभूतिकरण किया है। कंपनी ने यह फोर्टफोलियो निजी क्षेत्र के एक बैंक को बेचा है। सौदे के तहत जहां शिक्षा पोर्टफोलियो को बैंक के जिम्मे सौंप दिया गया है वहीं कर्ज की निगरानी एवांसे करेगी।  उल्लेखनीय है कि पिछले पांच वर्ष में 0.10 प्रतिशत के सकल एनपीए के साथ एवांसे का सीएजीआर 200 प्रतिशत प्रतिशत पर पहुंच गया है। अन्य एनबीएफसी भी शिक्षा के प्रतिभूतिकरण की संभावनाएं तलाश रहे हैं, क्योंकि वाणिज्यिक बैंंक सीधे सीधे कर्ज देने से बच रहे हैं। एनबीएफसी के सिक्योर्ड पोर्टफोलियो के रूप में कर्ज लेने से बैंक चूक के जोखिम से बच सकेंगे। 

एवांसे फाइनैंसियल सर्विसेज के अमित गैंदा ने कहा, 'शिक्षा ऋण के मामले में हमने छात्रोन्मुखी दृष्टिïकोण अपनाया है, जबकि आमतौर पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक माता-पिता का प्रत्यय पत्र देखकर ऋण मंजूर कर रहे हैं। हम विभिन्न स्तरों पर छात्र के स्कोरकार्ड, स्नातक में उनका अंक, यदि वे विदेश में पढ़ाई करने जा रहे हैं तो उनका जीआरई स्कोर देखते हैं और उसके बाद शिक्षा पूरी करने के बाद नौकरी पाने की उनकी संभावना का आकलन करते हैं। हमारा सकल एनपीए 0.09 प्रतिशत है और हमारे 60 प्रतिशत ऋण सुरक्षित हैं। हमारा एयूएम 2200 स्कोर के लगभग है पिछले पांच वर्ष में हम 207 प्रतिशत का सीएजीआर दर्ज कर रहे हैं।'
कीवर्ड गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों, एनपीए, एनबीएफसी,

  
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